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मां रोती रही, फिर बेहोश होती रही..., दनकौर के दललेगढ़ गांव में मंदिर के पास गड्ढे में समा गया 3 साल का देवांश

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मुस्तकीम खान, दनकौर। दनकौर क्षेत्र के दलेलगढ़ गांव के मंदिर के पास बने गड्ढे में गिरकर रविवार को तीन वर्षीय बच्चे देवांश की मौत हो गई। घटना के बाद से ही परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक अपने माता पिता का छोटा बेटा था, जबकि उसके बड़े भाई की उम्र लगभग साढ़े चार वर्ष है।

जानकारी के मुताबिक दलेलगढ़ के रहने वाले अनिल कुमार की बेटी अंजलि की शादी सिकंदराबाद क्षेत्र के सपोनी में राकेश के साथ हुई थी। अंजलि के चाचा देवेंद्र उर्फ कालू की ओर से गांव के मंदिर प्रांगण में 41 दिन से तपस्या की जा रही थी। रविवार को तपस्या समाप्त होने पर भंडारे का आयोजन किया गया था।

इसी कार्यक्रम में देवांश भी अपनी मां के साथ आया था और खेलते हुए गड्ढे में गिर गया जिसके कारण उसकी मौत हो गई। बच्चे को लेकर परिवार ने बड़े सपने पाले हुए थे।

बच्चे की किलकारियों से जिस घर में हर कोई चहकता रहता था, आज वहीं मातम पसरा है। मां को रो रोकर अचेत है। होश आते ही देवांश को पुकारने लगती है। ये देखकर गांव में कर किसी के आंसू रुक नहीं रहे हैं।

ग्रामीण अन्नू पंडित, अधिवक्ता अमित भाटी, कृष्णकांत शर्मा, विनोद, लीलू प्रधान और रवि समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर के नजदीक करीब 20 बीघा जमीन पशुचर और नवीन परती है, जिसमे से कुछ वर्षों पहले माफिया द्वारा खनन कर करीब 20 फीट गहरे गड्ढे कर दिए गए।

पानी भरकर यह तलाबनुमा बन गया, जिससे हमेशा हादसे का खतरा मंडराता रहता था। इसकी लिखित शिकायत ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में कर तारबंदी की मांग की गई थी। लोगों का कहना है कि प्राधिकरण की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है।

हालांकि घटना के बाद लेखपाल और तहसीलदार समेत अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और घटना का जायजा लिया गया। हादसे के बाद से ही पीड़ित स्वजन का रो रोकर बुरा हाल है।

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