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चीनी मिलों को आवांटित हुआ 128 लाख क्विंटल गन्ना, पराई हुई मात्र 35 लाख क्विंटल

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जागरण संवाददाता, निचलौल (महराजगंज)। गन्ना किसानों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। चीनी मिल की धीमी गति के पेराई से इस समय किसानों को अपने खेतों में खड़े गन्ने के सूखने का डर सता रहा है। गड़ौरा चीनी मिल बहुत धीमी गति से पेराई कर रही है। कभी-कभी वह बंद हो जा रही है।

पुराने मशीनरी पुर्जा होने के कारण मशीनें हमेशा बिगड़ जा रहीं हैं। जिससे पेराई धीमी गति से हो रही है। चीनी मिलों के धीमी गति के पेराई करने के कारण किसानों को अपने खेतों में गन्ना सूखने का डर बना हुआ है। जेएचवी गड़ौरा चीनी मिल से कुल 7677 किसान जुड़े हुए हैं। जिला प्रशासन ने चीनी मिल को कुल 60.73 लाख क्विंटल गन्ना आवंटन किया है।

वहीं आइपीएल सिसवा को 68 लाख क्विंटल गन्ना आवंटित किया गया है। गड़ौरा चीनी मिल चार दिसंबर से चीनी मिल गन्ने की पेराई शुरू कर दी है। गन्ना खरीदने के लिए चीनी मिलने 24 केंद्र स्थापित किए थे। अब तक 18 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी है। वहीं आइपीएल सिसवा चीनी मिल 17 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है।

दोनों चीनी मिल धीमी गति से पेराई कर रही है। धीमी गति के चलने के कारण किसान चिंतित और परेशान हो गए हैं। किसानों को डर सता रहा है कि कहीं उनके खेतों में ही गाने की फसल खड़ी न रह जाए।

आइपीएल सिसवा चीनी मिल सिसवा के गन्ना महाप्रबंधक धीरज सिंह ने बताया कि चीनी मिल को 68 लाख गन्ना आवंटन हुआ है। किसानों के पूरे गन्ने की पेराई करने के बाद ही मिल को बंद की जाएगी। जेएचवी गड़ौरा चीनी मिल के उप प्रबंधक गन्ना अनिल सिंह ने कहा कि चीनी मिल को आवंटित सभी गन्ने की पेराई पूर्ण की जाएगी।

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चीनी मिल विलंब से चली है। और क्षेत्र में ज्यादा गन्ना है। चीनी मिल की धीमी गति के चलने के कारण गन्ना सूखने का डर बना हुआ है। जिससे हम किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा जाएगा। -मोहन, मिश्रवलिया

चार एकड़ गन्ने की खेती लगाया हूं। पर्ची धीरे-धीरे मिल रही है। चीनी मिल के धीमी गति चलने के कारण डर बना हुआ है कि कहीं गन्ना खेतों में ही सूख न जाए, जिससे किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। -इस्लाम, मिश्रवलिया

चीनी मिल को जितना गन्ना आवंटन हुआ है। उसके एक चौथाई ही गन्ना चीनी मिल पेराई कर पाई है। छह पर्ची में अभी मात्र दो पर्ची ही प्राप्त हुई है। ऐसे में गन्ने को लेकर काफी चिंतित रहना पड़ रहा है। -गिरधारी, बैठवलिया

गड़ौरा चीनी मिल बहुत धीमी गति से पेराई कर रही है। यह चीनी मिल मरम्मत के अभाव में कई बार बंद हो जा रही है। ऐसे में डर बना हुआ है कि चीनी मिल पूरा गन्ना पेराई कर पाएगी कि नहीं। अभी मात्र 18 क्विंटल गन्ना ही पेराई कर पाई है। एक एकड़ गन्ने का फसल लगाया हूं। अभी एक पर्ची मिली है। -ओमप्रकाश, शीतलापुर

जेएचवी गड़ौरा चीनी मिल व आइपीएल सिसवा चीनी मिल को जितना गन्ना आवंटन हुआ है उसकी पेराई सुनिश्चित की जाएगी। संपूर्ण गन्ने की पेराई के बाद ही मिल बंद होगी।-ओमप्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी
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