बिहार में इथेनाॅल संकट पर बड़ा बयान: 35.28 करोड़ लीटर खरीद का MOU, राहत के लिए दिल्ली जाएंगे डिप्टी CM सम्राट चौधरी
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/16/article/image/Ethenol-Factory-1771238564005_m.webpबिहार में इथेनॉल फैक्ट्रियां बंद नहीं होंगी। सांकेतिक तस्वीर
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार विधानसभा में सोमवार को पहली पाली में प्रश्नकाल के दौरान इथेनाॅल फैक्ट्रियाें का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया गया।
जदयू विधायक श्याम रजक ने बिना किसी कटौती के इथेनाॅल उत्पादन की अनुमति देने की मांग की। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में केंद्र सरकार द्वारा इथेनाल की खरीददारी के बेहतर आंकड़े हैं, जबकि बिहार में कोटा सीमित होने के कारण फैक्ट्रियों पर बंदी संकट मंडरा रहा है।
मंत्री डाॅ. दिलीप कुमार जायसवाल ने विधानसभा में दी जानकारी
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो फैक्ट्रियां बंद हो सकती हैं और बड़े पैमाने पर लोग बेरोजगार होंगे। इस पर सरकार के तरफ से उत्तर देते हुए उद्योग मंत्री डाॅ.दिलीप कुमार जायसवाल ने सदन को बताया कि बिहार में इथेनाॅल फैक्ट्रियां बंद नहीं होंगी।
केंद्र सरकार के साथ 35.28 करोड़ लीटर इथेनाॅल खरीद का एमओयू हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि बिहार की डेडिकेटेड इथेनाॅल ईकाइयों द्वारा वर्तमान में 1602 लीटर प्रतिदिन उत्पादन किया जा रहा है, जबकि केंद्र से एग्रीमेंट के अनुसार राज्य को 1060 लीटर का ही कोटा आवंटित हुआ है।
केंद्र सरकार से बिहार के लिए तय इथेनाॅल खरीद का कोटा बढ़ाने की मांग
मंत्री ने सदन को बताया कि बिहार सरकार ने केंद्र से कोटा बढ़ाने की मांग की है और जल्द ही इस समस्या का समाधान होने की उम्मीद है।
मंत्री ने जानकारी दी की कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दिल्ली जा रहे हैं। जहां वे इस मुद्दे पर केंद्र सरकार के साथ बातचीत करेंगे और समाधान निकालेंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य में खुलने वाली हर फैक्ट्री से राज्य सरकार का भावनात्मक जुड़ाव है और सरकार चाहती है कि फैक्ट्रियों की आय बढ़े तथा लोगों के लिए रोजगार के अवसर सुरक्षित रहें।
उन्होंने यह भी कहा कि इंटरनेट मीडिया में यह भ्रामक खबर का प्रसारित की जा रही है कि प्रदेश में इथेनाॅल फैक्ट्रियां हो रही हैं।
बीते वर्ष कुल मिलाकर मात्र सप्ताह इथेनाॅल फैक्ट्रियों ने बंद होने की रिपोर्ट दी, जबकि इस वर्ष जनवरी की ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं आई है।
जब बिहार सरकार इन फैक्ट्रियों को इंसेटिव (प्रोत्साहन राशि) दे रही है और फैक्ट्रियां सरकार के समक्ष इंसेटिव क्लेम भी कर रही है तो फिर बंद होने का सवाल कहां उठता है।
सदन में पूरक प्रश्न के जरिये राजद के विधायक कुमार सर्वजीत समेत एनडीए के कई विधायकों ने इथेनाल फैक्ट्रियों के मामले को उठाया।
Pages:
[1]