cy520520 Publish time 2026-2-16 21:27:33

17 हजार निवेशकों से ठगी; मैक्सीजोन घोटाले में ED ने 11 करोड़ की प्रॉपर्टी पर लगाया ताला

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फाइल फोटो।



राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में सक्रिय चिटफंड कंपनी मेसर्स मैक्सीजोन टच प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मनी लांड्रिंग की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को कार्रवाई की है। ईडी ने कंपनी और उसके निदेशकों से जुड़ी 11 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त (Provisional Attachment) कर लिया है। यह कार्रवाई करोड़ों रुपये के पोंजी घोटाले की जांच के तहत की गई है।


जेल में बंद हैं मुख्य आरोपी ईडी ने हाल ही में कंपनी और उसके दो निदेशकों, चंद्रभूषण सिंह और प्रियंका, के विरुद्ध विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। इन दोनों आरोपियों को ईडी ने 16 दिसंबर 2025 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया था।    वर्तमान में दोनों रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में न्यायिक हिरासत में बंद हैं। यह झारखंड का सनससनीखेज घटना थी।


कैसे हुआ 308 करोड़ का खेला?

यह पूरा मामला 16,927 निवेशकों से धोखाधड़ी कर एकत्रित किए गए 307.95 करोड़ रुपये का है। ईडी की जांच में जो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, वे इस प्रकार हैं:

[*]    लुभाने वाला वादा: कंपनी ने निवेशकों को जीवन भर के लिए 15 प्रतिशत मासिक रिटर्न देने का लालच देकर करोड़ों रुपये जमा कराए।
[*]    फर्जी पहचान: आरोपियों ने खुद को एनएसई (NSE) अधिकृत व्यक्ति के रूप में गलत तरीके से पेश किया। आरबीआई (RBI) ने पुष्टि की है कि कंपनी के पास NBFC का कोई पंजीकरण नहीं था।
[*]    रुपयों का हेरफेर: जांच में पता चला कि 21 बैंक खातों में कुल 521.45 करोड़ रुपये जमा हुए थे। इसमें से 249.69 करोड़ रुपये पुराने निवेशकों को रिटर्न के रूप में बांटे गए (पोंजी मॉडल), जबकि 58.27 करोड़ रुपये रियल एस्टेट, सोने के गहने और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर छिपा दिए गए।



फरारी के दौरान दीपक बन गया था चंद्रभूषण

जब निवेशकों का भुगतान बंद हुआ और पुलिस ने शिकंजा कसा, तो आरोपी फरार हो गए। इस दौरान मुख्य आरोपी चंद्रभूषण सिंह ने पुलिस से बचने के लिए दीपक सिंह के नाम से फर्जी आधार कार्ड भी बनवा लिया था। इससे पहले मार्च 2023 में अदालत ने इन दोनों को भगोड़ा घोषित किया था।


पांच राज्यों में चला सर्च अभियान ईडी ने इस घोटाले की तह तक जाने के लिए पांच राज्यों में 27 स्थानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान भारी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, सोने की ज्वेलरी, 14,757 यूएस डॉलर और 10 लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे।    झारखंड पुलिस द्वारा जमशेदपुर के साकची और गोविंदपुर थानों में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने यह जांच (ECIR) शुरू की थी।

    जानें घोटाले का गणित

[*]      कुल निवेशक: 16,927
[*]      कुल ठगी: 307.95 करोड़
[*]      जब्त संपत्ति: 11 करोड़ (हालिया कार्रवाई)
[*]      निवेश का जरिया: रियल एस्टेट, गोल्ड और क्रिप्टोकरेंसी
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