deltin33 Publish time 2026-2-17 06:26:04

एंटीबायोटिक्स का गलत सेवन बढ़ा रहा एएमआर का खतरा, वसुंधरा में डॉक्टरों ने दी लोगों को जानकारी

https://www.jagranimages.com/images/2026/02/17/article/image/AMR-(1)-1771290409224_m.webp

वसुंधरा सेक्टर छह स्थित आदित्य गार्डन सिटी सोसायटी में एएमआर पर आयोजित जागरुकता कार्यक्रम।



जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। वसुंधरा सेक्टर छह स्थित आदित्य गार्डन सिटी सोसायटी में दैनिक जागरण व इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त अभियान के तहत सोमवार को एंटीमाइक्राेबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) पर प्रहार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें यशोदा मेडिसिटी की संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. छवि गुप्ता ने लोगों को एंटीबायोटिक्स के उपयोग व उसके गलत सेवन से होने वाले एएमआर के खतरे के प्रति जागरूक किया।

उन्होंने बताया कि बैक्टीरिया समय के साथ अपने स्वरूप में बदलाव कर लेते हैं। इसी कारण जब एंटीबायोटिक सही मात्रा, समय व चिकित्सक परामर्श के ली जाती है, तो बैक्टीरिया उसके प्रति प्रतिरोधक क्षमता एएमआर विकसित कर लेते हैं। इसके कारण वही दवाएं आगे चलकर प्रभावी नहीं रहतीं व गंभीर बीमारी व संक्रमण का इलाज कठिन हो जाता है। बिना चिकित्सक की सलाह एंटीबायोटिक्स लेना खतरनाक हो सकता है। इससे रोग पूरी तरह ठीक नहीं होता। साथ ही एएमआर का खतरा भी बढ़ जाता है।

https://smart-cms-bkd-static-media.jnm.digital/jagran-hindi/images/2026/02/17/template/image/73043969-1771290323068.jpg

एएमआर से बचाव के लिए चिकित्सक की सलाह पर एंटीबायोटिक की पूरी डोज लें। जिससे एएमआर से बचा जा सकता है। इसकी जागरूकता फैलानी चाहिए। एंटीबायोटिक दवा की पुड़िया बनाकर रख लेते हैं। बुखार व अन्य बीमारियों में बिना चिकित्सक के परामर्श के दवा ले लेते हैं। इससे बीमारी पूरी तरह ठीक नहीं होती। कुछ बैक्टीरिया बच जाते हैं। फिर यही बैक्टीरिया में रेजिस्टेंस आ जाता है। उसके बाद एंटीबायोटिक बेअसर हो जाती है।

कार्यक्रम में लोगों ने चिकित्सक से एएमआर से बचाव व एंटीबायोटिक्स के सेवन से जुड़े प्रश्न पूछे। जिसका चिकित्सक ने विस्तार से जवाब दिया। इस मौके पर यशोदा ग्रुप के जीएम सुरेश वली सहित अन्य मौजूद रहे।


दैनिक जागरण का यह अभियान बहुत ही गंभीर विषय पर है। आमतौर पर लोग बीमारी में कभी खुद से तो कभी केमिस्ट से दवा ले लेते हैं और एंटीबायोटिक्स का सेवन भी कर लेते हैं। यह कितना खतरनाक हो सकता है मालूम नहीं होता। - गीतिका सिंह

बहुत ही अच्छा कार्यक्रम रहा। इससे काफी कुछ जानकारी मिली। कई बार बीमारी होने पर बच्चों को केमिस्ट से दवा दिला देते हैं। यह कितना खतरनाक हो सकता है यह कार्यक्रम में पता चला। अब हम इसका ध्यान रखेंगे। - मोनिका

एंटीबायोटिक्स के उपयोग के बारे में जागरूकता बहुत जरूरी है। दैनिक जागरण का बहुत ही अच्छा कार्यक्रम रहा। कार्यक्रम से कई लाभदायक जानकारी मिली। - डाली

दवाइयां बिना चिकित्सक के परामर्श पर लेने से गंभीर समस्या हो सकती है। इसकी मैं भुक्तभोगी हूं। मुझे खासी हुई और मैंने केमिस्ट से दवा ले ली। उसके बाद भी खासी ठीक नहीं हुई, उल्टा यह काफी बढ़ गई। इससे मुझे काफी परेशानी झेलनी पड़ी। - निधि

कार्यक्रम से कई जानकारी मिली। दवाइयां चिकित्सक के परामर्श पर ही लेनी चाहिए। बिना चिकित्सक परामर्श के दवा लेने पर बीमारी पूरी तरह से ठीक नहीं होती। बल्कि कई बार तो समस्या और बढ़ जाती है। - सुमन श्रीवास्तव

कार्यक्रम में चिकित्सक ने एंटीबायोटिक्स के सेवन व उससे होने वाले खतरे एएमआर के बारे में विस्तार से बताया। इससे काफी जानकारी मिली। ऐसे कार्यक्रम आयोजित होते रहने चाहिए। - कमलेश शर्मा

दैनिक जागरण का यह अभियान सराहनीय है। इससे बहुत अच्छी जानकारी मिली। लोग कई बार अपने मन से दवाइयां लेते रहते हैं। जब गंभीर समस्या हो जाती है तब जाकर चिकित्सक के पास जाते हैं। - निधि सिंह

कार्यक्रम अच्छा रहा। जागरूकता जरूरी है। लोग एंटीबायोटिक्स चूरन की तरह खाते हैं। एंटीबायोटिक्स के ज्यादा सेवन से अब ये बीमारी पर बेअसर हो जाती हैं। - हीमानी रायजादा


यह भी पढ़ें- \“सुपर बग\“ को जन्म दे रहा एंटीमाइक्रोबियल रेसिस्टेंस, गाजियाबाद में डॉक्टर ने एंटीबायोटिक दवाओं को लेकर दी जानकारी
Pages: [1]
View full version: एंटीबायोटिक्स का गलत सेवन बढ़ा रहा एएमआर का खतरा, वसुंधरा में डॉक्टरों ने दी लोगों को जानकारी