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रानी को बनाया सुमित, राघव गणित के स्थान पर देगा संस्कृत की परीक्षा... यूपी बोर्ड प्रवेश पत्र की गड़बड़ी से छात्र परेशान

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सांकेतिक तस्वीर।



जागरण संवाददाता, आगरा। उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा को प्रारंभ होने से सिर्फ एक दिन शेष है। ऐसे समय में जब उन्हें निश्चित होकर परीक्षा की तैयारी पर ध्यान देना चाहिए, तमाम विद्यार्थी माध्यमिक शिक्षा विभाग के चक्कर काट रहे हैं क्योंकि कई विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र में उनके नाम, लिंग आदि में परिवर्तन हो गया है।

छात्रा रानी के प्रवेश पत्र पर सुमित का नाम आ गया है, तो राघव को गणित विषय के स्थान पर संस्कृत विषय आवंटित कर दिया गया है। इससे विद्यार्थियों की चिंता बढ़ गई है। यह हाल परीक्षा दे रहे करीब 200 से अधिक विद्यार्थियों का है।
यूपी बोर्ड परीक्षा के प्रवेश पत्र में गड़बड़ी, विद्यार्थियों में तनाव

विभाग द्वारा प्रवेश पत्र स्कूलों को वितरित करने के बाद से जैसे ही स्कूलों में प्रवेश पत्र मिलना आरंभ हुए हैं, यह समस्या समाने आने लगी है। तकनीकी खराबी हो या मानवीय त्रुटि, कारण कुछ भी हो परिषद की वेबसाइट पर विद्यार्थियों के लिंग और विषय बदल दिए गया है।
परीक्षा को सिर्फ एक दिन शेष

कई छात्राओं के प्रवेश पत्र में उन्हें पुरुष दर्शा दिया है, जबकि कुछ छात्रों द्वारा चयनित विषय ही बदलकर दिया गया है। सबसे गंभीर मामला विषयों को लेकर सामने आया। एक इंटरमीडिएट छात्र राघव ने अपने परीक्षा फार्म में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित विषय भरे थे, लेकिन प्रवेश पत्र में भौतिक विज्ञान की जगह भूगोल और गणित की जगह संस्कृत अंकित हो गया।
कई विद्यार्थी कर रहे विषय और लिंग में बदलाव का सामना

इस बदलाव के कारण छात्र को आशंका है कि परीक्षा केंद्र पर सही प्रश्नपत्र व उत्तर पुस्तिका मिलने में समस्या हो सकती है। वहीं प्रवेश पत्र में रानी नाम की छात्रा को सुमित बना दिया। इस कारण अब सुमित का परीक्षा केंद्र बी 14 किमी दूर डाल दिया गया है।जबकि छात्राओं का केंद्र अधिकतम पांच किमी दूर ही डाला जा सकता हैै।


यह है नियम

परीक्षा नियमावली के अनुसार, ऐसे प्रवेश पत्रों में सुधार के लिए आवेदन स्कूल के माध्यम से जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआइओएस) कार्यालय को भेजा जाता है। डीआइओएस इन समस्याओं का सत्यापन कर उन्हें राहत देते हुए आदेश जारी करते हैं। लेकिन सिर्फ एक दिन में इतनी सारी त्रुटियों को सुधारना मुश्किल लगता है। इस कारण विद्यार्थी मानसिक दबाव में हैं और चिंता उन्हें बीमार कर रही हैं। अभिभावक अलग परेशान है। विद्यार्थियों का कहना है कि अब वह पढ़ाई करने के स्थान पर स्कूल और डीआइओएस कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। यदि समय पर सुधार नहीं हुआ, तो साल बर्बाद हो जाएगा।
परीक्षा देना असंभव

स्कूल संचालकों का कहना था कि तमाम स्कूल संचालकों ने सही डाटा समय पर अपलोड किया, लेकिन बोर्ड के पोर्टल में तकनीकी खराबी के कारण विवरण अपडेट नहीं हुए। कुछ स्कूलों का आरोप है कि बोर्ड ने पुराने या गलत डेटा को ही प्रवेश पत्र में अंकित कर दिया।
नहीं छूटेगी परीक्षा

जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर का कहना है कि ऐसे मामले संज्ञान में आने पर तुरंत समाधान किया जा रहा है। इसमें स्कूल प्रधानाचार्य द्वारा संस्तुति होने पर विभागीय हस्ताक्षर द्वारा विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे दी जाएगी।
अक्षम शिक्षकों की लगाई परीक्षा ड्यूटी

यूपी बोर्ड परीक्षा प्रारंभ होने में एक दिन शेष है, ऐसे में विभाग में तमाम शिक्षक अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक व कक्ष निरीक्षण आदि के रूप में लगाई गई अपनी ड्यूटी कटवाने भी पहुंच रहे हैं। हालांकि उनमें से कुछ ऐसे भी हैं, जिनके घर में बच्चों और बूढ़ों की देखभाल करने वाला कोई नहीं, वह स्वयं बीमार हैं या महिला शिक्षिका गर्भवती हैं, बावजूद इसके उनकी ड्यूटी घर से 15 किमी दूर लगा दी गई है। सोमवार को ऐसे तमाम शिक्षक अपनी समस्याओं को लेकर विभाग पहुंचें लेकिन उन्हें डीआइओएस नहीं मिले।
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