सोशल मीडिया से बिश्नोई गैंग में जुड़ रहे बीहड़ के युवा, दिल्ली की सड़कों पर चाट बेचने वाला दीपक बना लारेंस का शार्प शूटर
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जागरण संवाददाता, आगरा। बीहड़ वाले बाह के गांव से रोजी-रोटी की तलाश में तीन साल पहले दिल्ली पहुंचा दीपक चाट की ठेल लगाता था। चाट बेचते-बेचते वह अपराध की दुनिया में ऐसा उतरा के देश के कुख्यात लारेंस गैंग से तार जुड़ गए।
सैकड़ों मील दूर बैठे दीपक को इंटरनेट मीडिया के मैसेज के जरिए डील मिलती और वह काम करके चुपचाप निकल जाता। इसके बाद दीपक ने अपने गांव के दोस्तों को अपने साथ जोड़ा और बिजौली वाले बदमाश बनते गए।
मुंबई में फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर पर सनसनीखेज फायरिंग में दीपक समेत गांव के पांच युवकों की गिरफ्तारी से गांव वाले सन्न रह गए। किसी को उनकी करतूत पर भरोसा नहीं हो रहा है। जिला मुख्यालय से 80 किमी दूर बाह बीहड़ के लिए कुख्यात रहा है। डकैतों के खात्मे के बाद यहां अपराध कई दशकों तक थमा रहा।
रोहित शेट्टी के घर पर दागी थीं गोलियां, पहली बार पकड़े गए बिजौली वाले बदमाश
एक दशक पहले साइबर ठगी का नेटवर्क शुरू हुआ। हालत यह रही कि गांव-गांव साइबर अपराधियों के डेरे बन गए। इसके बाद अब अपराध का नया चेहरा बिजौली के शूटरों के रूप में सामने आया है, जो चौंकाने वाला है। मुंबई की घटना में पकड़े जाने वालों में सबसे कुख्यात नाम दीपक यादव का है। बताया गया है कि तीन साल पहले आठवीं पास दीपक गांव से दिल्ली रोजगार की तलाश में गया और फिर वहीं बस गया। धीरे-धीरे उसका आना-जाना कम हो गया।
अपराधिक गिरोह से जुड़ने के बाद वह रात को गांव आता था
सूत्रों के अनुसार अपराधिक गिरोह से जुड़ने के बाद वह रात को गांव आता था और अगले दिन बिना किसी से मिले लौट जाता था। इसके बाद रितिक यादव गांव से निकला और झज्जर हरियाणा में निर्माणाधीन घरों में सुपरवाइजर का काम करने लगा। दीपक और रितिक की मुलाकातें होती थीं। इसके बाद दिल्ली में हलवाई का काम करने गए सोनू यादव और सन्नी, विष्णु कुशवाहा गए थे। वहां दीपक से मुलाकात हुई और पांचों एक साथ काम करने लगे।
पुलिस ने सक्रिय किए मुखबिर, युवाओं की होगी काउंसलिंग
लारेंस बिश्नोई गैंग से बाह क्षेत्र के युवकों के जुड़े होने व मुंबई में फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर हुई फायरिंग में पांच युवक बाह क्षेत्र के होने के बाद पूर्वी जोन की पुलिस को सक्रिय किया गया है। बाह, जैतपुर, फतेहाबाद, डौकी आदि थाना पुलिस ने अपने मुखबिरों को सक्रिय किया है। उनसे लारेंस बिश्नोई गैंग के जुड़े युवकों के बारे में सूचना मांगी गई है। संदिग्ध युवकों की पुलिस काउंसलिंग करेगी।
2023 में पकड़े थे दो शूटर
बिश्नोई गैंग से बाह में बड़ी संख्या में युवकों के जुड़े होने की चर्चा है। इससे पहले वर्ष 2023 में जयपुर के होटल मालिक पर फायरिंग करने में बाह से लारेंस बिश्नोई गैंग के चार शूटर गिरफ्तार किए गए थे। दो शूटर बाह के रहने वाले थे। इनमें प्रदीप शुक्ला निवासी डिफेंस कॉलोनी बाह, भूपेंद्र गुर्जर बड़ागांव बाह शामिल थे।
इंटरनेट मीडिया से जागी थी जुड़ने की इच्छा
बिजौली से गिरफ्तार विष्णु कुशवाह ने एसटीएफ को बताया कि लारेंस बिश्नोई और शुभम लोनकर के फेसबुक और इंस्टाग्राम पर वीडियो देखकर अपराध की दुनिया में नाम करने की इच्छा हुई थी। इंटरनेट मीडिया से ही वह गैंग से जुड़ गया। इंस्टाग्राम पर ही फायरिंग का टास्क मिला था।
मुंबई में सभी एकत्रित हुए। यहां पर गैंग की ओर से पिस्टल उपलब्ध कराई गई थीं। इसके बाद सभी अलग-अलग भागे थे। हालांकि काम के बदले पैसों की जानकारी वह नहीं दे पाया।
रितिक देता था फरारी काटने का ठिकाना..
मुंबई क्राइम ब्रांच ने दीपक यादव, सोनू यादव और सन्नी को रितिक के झज्जर के ठिकाने से पकड़ा। बताया जाता है कि रितिक गांव से जाने के बाद झज्जर में स्थाई रूप से रहता था। दीपक व अन्य साथी उससे मिलने जाते थे। वह निर्माणाधीन घरों में उनके रुकने का इंतजाम करवाता था।
31 जनवरी को मुंबई में फायरिंग के बाद तीनों अलग-अलग रास्ते से भागे थे और कुछ दिन बाद झज्जर पहुंच गए। वहीं रितिक ने उन्हें ठहराया था। वहीं विष्णु मुंबई से अहमदाबाद भाई के पास पहुंचा और वहां से गांव लौट आया। क्राइम ब्रांच की टीम उसे गांव से पकड़कर ले गई।
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