cy520520 Publish time 2026-2-17 14:27:38

मेरठ में बच्चों को मुर्गा बनाने के मामले में टीचर पर गिरी गाज, BSA ने किया सस्पेंड

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अमरोली उर्फ बड़ा गांव में स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को मुर्गा बनाया गया। वीडियो ग्रैब



जागरण संवाददाता, मवाना (मेरठ)। फलावदा थानाक्षेत्र के अमरोली उर्फ बड़ा गांव में स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को मुर्गा बनाकर पिटाई करने के मामले में वायरल वीडियो को लेकर सोमवार को खंड शिक्षा अधिकारी ने जांच की। पीड़ित बच्चों और अभिभावकों के बयान लिए और रिपोर्ट बीएसए को भेज दी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशा चौधरी ने आरोपित इंचार्ज अध्यापक गोविंद सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

अमरोली उर्फ बड़ा गांव स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें प्रधानाध्यापक गोविंद जाटव कुछ बच्चों को मुर्गा बनाते हुए दिख रहे हैं। कुछ बालिकाएं हाथ ऊपर करके खड़ी हैं। मामला पुलिस-प्रशासनिक व शिक्षा अधिकारियों तक पहुंच गया। सोमवार को मवाना बीईओ त्रिवेंद्र कुमार सोमवार विद्यालय पहुंचे।

दो घंटे वहां रहकर प्रधानाध्यापक, बच्चों और उनके अभिभावकों के बयान दर्ज किए। संबंधित बच्चों ने बताया कि उन्हें किस बात पर प्रधानाध्यापक ने मुर्गा बनाया। कक्षा के अन्य बच्चों के भी बयान लिए। बीईओ के मुताबिक, जांच में सामने आया कुछ बच्चे कहने के बावजूद ड्रेस में नहीं आ रहे थे। इसके लिए प्रधानाध्यापक ने उन्हें दंडित किया था। हालांकि इस तरह की सजा देना गलत है।
सीओ से मिले प्रधानाध्यापक, सीएम पोर्टल पर शिकायत

प्रधानाध्यापक गोविंद जाटव ने सीओ पंकज लवानिया को दिए प्रार्थना-पत्र में आरोप लगाया कि वह राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत बच्चों को योग करा रहे थे। इसी बीच गांव के ही कल्लू उर्फ हसीबुल रिजवी के साथ दो अज्ञात व्यक्ति आए और जातिसूचक शब्दों के साथ उनके साथ अमर्यादित व्यवहार किया। तीनों ने बच्चों को इस्लाम परम्परा के विरुद्ध शिक्षा देने का आरोप लगाया। आरोप है गोली मारने की धमकी दी और उनसे मारपीट भी की। प्रधानाध्यापक ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की है।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम का उल्लंघन

स्कूल में बच्चों के साथ मारपीट राइट टू एजुकेशन एक्ट-2009 की धारा 17 और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट 2015 की धारा 75 का गंभीर उल्लंघन है। यह शारीरिक दंड और मानसिक उत्पीड़न पर पूर्ण रोक लगाता है। इसके तहत जांच में दोषी पाए जाने पर शिक्षक पर कार्रवाई की जा सकती है।


उच्च प्राथमिक विद्यालय में बच्चों व उनके अभिभावकों के बयान लिए हैं। मामले की जांच कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
-त्रिवेंद्र कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी मवाना।



बीईओ ने विद्यालय में जाकर जांच की। रिपोर्ट के आधार पर इंचार्ज अध्यापक गोविंद सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
-आशा चौधरी, बीएसए।
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