कश्मीर में महीने के अंत तक शुष्क रहेगा मौसम, तापमान बढ़ने से बागवानी पर बढ़ा खतरा; कब सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ?
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/17/article/image/jagran_news_baraf-1771322910261_m.webpकैप्शन: कश्मीर में महीने के अंत तक शुष्क रहेगा मौसम (फाइल फोटो)
जागरण संवाददाता,श्रीनगर। घाटी में मौसम के मिजाज शुष्क बने हुए हैं जबकि मौसम विभाग के अनुसार महीने के अंतक मौसम में किसी बड़े परिवर्तन की कोई संभावना नही है और इस बीच 20 दिवसीय चिलेखुद शुष्क मौसम के बीच रुखसत जबकि 10 दिवसीय चिलेबाइच भी शुष्क मौसम के बीच ही अपनी बारी शुरू करेगा।
मौसम विभाग के निदेश डा मुख्तार अहमद ने इस बार में और अधिक जानकारी देते हुए कहा कि घाटी के वायुमंड में मौजूद पश्चमी विक्षभ के मजबूती से सक्रिय होने की फिलहाल कोई आसार नही है। उन्होंने कहा कि हालांकि इस बीच यह एक दो बार हलका सक्रिय होगा अलबत्ता इसका प्रभाव कमजोर होगा और इस बीच कुछ उच्च पर्वतीय इलाकों में हलकी बारिश या बर्फबारी होगी जबकि बाकी इलाकों में मौसम शुष्क बना रहेगा और महीने के अंतक मौसम के मिजाज इसी तरह शु्क बने रहेंगे।
पेड़ों पर जल्द खिलेंगे फूल
उन्होंने कहा,इस बीच दिन का तापमान लगातार सामान्य से ऊपर रहने की उम्मीद है, और अगर चल रही गर्मी का दौर और तेज़ होता है, तो कुछ तापमान के रिकॉर्ड भी टूट सकते हैं। उन्होंने कहा फरवरी महीने में ऐसी गर्मी कई इलाकों में पेड़ों पर जल्दी फूल खिलने का माहौल बना रही है।
हालांकि, लंबे समय तक रहने वाले सामान्य से ऊपर तापमान से पैदा होने वाली गर्मी में जल्दी फूल खिलने का खतरा रहता है। उन्होंने कहा, अगर मार्च के दौरान ताज़ा पश्चमी विक्षोभ घाटी में सक्रिय हो जाते हैं तो माहौल में अभी भी ठंड वापस लौटने का चांस है।
शॉर्ट टर्म में पानी का सतर बढ़ सकता है
उन्होंने कहा, फूल खिलने के समय अचानक ठंड या देर से पाला पड़ने से फूलों और फल देने वाले पेड़ों को नुकसान हो सकता है, जिससे बागवानी पर असर पड़ सकता है।इसके अलावा सामान्य से ऊपर बने रहने वाले तापमान के चलते ग्लेशियर और बर्फ के पिघलने की प्रक्रिया को तेज़ कर सकता है, जिससे नदियों और झरनों में पानी का बहाव कुछ समय के लिए बढ़ सकता है। हालांकि इससे शॉर्ट टर्म में पानी का स्तर बढ़ सकता है।
लेकिन मार्च तक लगातार सूखे की स्थिति धान की खेती पर बुरा असर डाल सकती है, खासकर अगर बुवाई से पहले के ज़रूरी समय में नदी और झरने का पानी कम हो जाए। बता देते हैं कि बीते कुच दिनों से घाटी में शुष्क मौसम के बीच अधिकतम तापमान सामान्य से कई डिग्री ऊपर बना हुआ है। 20 दिवसीय चिलेखुर्द 20 फरवरी को समाप्त हो रहा है जबिक 21 फरवरी से चिलेकलां व चिलेखुर्द की तुलनाम में सर्दियों का कम तीव्रता वाला दौर 10 दिवसीय चिलेबाइच अपनी पारी शुरू करेगा।
Pages:
[1]