Chikheang Publish time 2 hour(s) ago

चंडीगढ़ पुलिस का ASI और कॉन्स्टेबल निलंबित, मेडिकल शॉप पर फायरिंग केस में जुड़ा था नाम

https://www.jagranimages.com/images/2026/02/17/article/image/rr99-1771323725868_m.webp

गोलीकांड के साजिशकर्ता राहुल बिष्ट के साथ कॉन्स्टेबल अविनाश।



मनोज बिष्ट, जागरण। सेक्टर-32 स्थित सेवक फार्मेसी मेडिकल शॉप पर फायरिंग केस में काॅन्स्टेबल अविनाश और एएसआई अजयपाल पाली पर गाज गिरी है। दोनों को निलंबित कर लाइन हाजिर कर दिया गया है। क्राइम ब्रांच पहले ही इस मामले में साजिशकर्ता और शूटरों को गिरफ्तार कर चुकी है। विभागीय जांच में दोनों पुलिसकर्मियों का नाम सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।

सूत्रों के अनुसार सेक्टर-46 निवासी राहुल बिष्ट को क्राइम ब्रांच पहले गिरफ्तार कर चुकी है। वह पहले सेक्टर-31 में लैब चलाता था और बाद में सेक्टर-32 में शिफ्ट हो गया था। वह एरिया में आर्थिक रूप से संपन्न लोगों की रेकी करता था और उनके संपर्क नंबर गैंगस्टरों तक पहुंचाता था।

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गे साबा गोबिंदगढ़ से राहुल बिष्ट की करीबी बताई जा रही है। आरोप है कि रसूखदार लोगों के मोबाइल नंबर साबा को दिए जाते थे, जिसके बाद उन्हें करोड़ों रुपये की रंगदारी के लिए जान से मारने की धमकियां मिलती थीं।

सूत्रों का दावा है कि जब पीड़ित शिकायत लेकर थाने पहुंचते थे तो उन्हें कार्रवाई के बजाय और डरा दिया जाता था। इसके बाद एसआईटी के माध्यम से रंगदरी की रकम में मोलभाव कराया जाता था। यदि कोई रकम नहीं देता था तो उस पर हमला भी कराया जाता था। सेक्टर-32 स्थित सेवक फार्मेसी पर हुई फायरिंग को भी इसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है।
बिटकॉइन विवाद भी चर्चा में

एएसआई अजयपाल पाली पूर्व में साइबर अपराध जांच प्रकोष्ठ में तैनात रह चुका है। सूत्रों के मुताबिक कुछ वर्ष पहले करोड़ों रुपये के बिटकॉइन लेनदेन को लेकर भी उसका नाम विवादों में आया था। उस समय मामला शांत हो गया था, लेकिन अब फिर से यह प्रकरण चर्चा में है।
पहले भी जा चुका है जेल

सूत्रों के अनुसार वर्ष 2014 में, अजयपाल पाली काॅन्स्टेबल था। तब उस पर लुधियाना के कुछ लोगों से उगाही और अपहरण जैसे आरोप लगे थे। शिकायत के बाद क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज कर उसे और अन्य आरोपियों को जेल भेजा था। बाद में शिकायतकर्ताओं के मुकरने पर वह मामले में बरी हो गया था।
महंगी जिम की सदस्यता रद

सूत्रों का यह भी कहना है कि सेक्टर-9 स्थित एक महंगी जिम, जिसकी वार्षिक फीस करीब एक लाख रुपये बताई जाती है, में पाली की सदस्यता थी। सेक्टर-32 गोलीकांड में नाम सामने आने के बाद जिम प्रबंधन ने उसकी सदस्यता रद कर दी है।

बताया जाता है कि वह पहले होटल माउंट व्यू स्थित जिम में भी आता-जाता था। फिलहाल पुलिस विभाग मामले की गहन जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Pages: [1]
View full version: चंडीगढ़ पुलिस का ASI और कॉन्स्टेबल निलंबित, मेडिकल शॉप पर फायरिंग केस में जुड़ा था नाम