Chikheang Publish time 2026-2-17 16:26:33

West Champaran : भाई साहब! बेतिया में थोड़ा धीरे चलिए, यहां सड़क पर ट्रक चालकों की दबंगई है...

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बेतिया- चनपटिया रोड पर कुमारबाग में सड़क पर खड़ी ट्रकें । जागरण



जागरण संवाददाता, बेतिया (पश्चिम चंपारण )। जिले की सड़कों पर चलना अब जोखिम भरा हो गया है। विकास की बढ़ी रफ्तार में एनएच हो या शहर की प्रमुख सड़कें, हर जगह सड़क किनारे खड़े ट्रक जान लेने को आतूर हैं।

बालू लदे ट्रक, धान- चावल एवं अन्य सामग्री लदे ट्रक घंटों सड़क पर खड़े रहते हैं, जिससे न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि अचानक सामने आ जाने पर दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।

दोपहिया वाहन चालक मजबूरी में जान जोखिम में डालकर निकलते हैं। हादसे होने के बावजूद ट्रक चालकों की मनमानी पर लगाम नहीं है। पुलिस गश्ती वाहन इन ट्रकों के पास से गुजरती हैं, लेकिन चालान या जब्ती नहीं होती।

बीते वर्ष में जिले में 202 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, इनमें 183 लोगों की मौत भी हो गई है। इसमें कई घटनाएं सड़क पर खड़ी ट्रक, ओवरलोडेड ट्रक, तेज रफ्तार ट्रक की वजह से भी हुई है।

खासकर आप अगर छपवा-बेतिया एनएच और बेतिया-चनपटिया रोड़ के कुमारबाग इलाके से गुजर रहे हैं तो सावधान, वाहन थोड़ा धीरे चलाएं, क्योंकि यहां ट्रक चालकों की दबंगई है।

सड़क पर ट्रक खड़ा कर ये लापता हो जाते हैं। हाल ही में बिहार सरकार के परिवहन मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सड़क किनारे चारपहिया वाहन खड़े कर छोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

आदेश में भारी जुर्माना, वाहन जब्ती और चालक के लाइसेंस निलंबन तक का प्राविधान है। इसके बावजूद जिले के विभिन्न मार्गों पर इन आदेशों का असर नहीं है।
पूर्व में हो चुका है हादसा

सड़क किनारे खड़े वाहनों की लापरवाही पहले भी जानलेवा साबित हो चुकी है। विगत वर्ष नगर के चेकपोस्ट के समीप सड़क किनारे खड़े बालू लदे ट्रक से बाइक की टक्कर में एक युवक की मौत हो गई थी।

वहीं मझौलिया में सड़क पर खड़े वाहन से टकराकर दो लोगों की जान जा चुकी है। कुमारबाग में एक हाइवा ने कार को टक्कर मार दी थी, जिसमें युवक की जान चली गई थी।

उस समय प्रशासन ने सख्ती का भरोसा दिलाया था, लेकिन समय के साथ स्थिति फिर पहले जैसी हो गई। कई जगह पुलिस गश्ती वाहन खड़े ट्रकों के पास से गुजरते दिखते हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं होती।

इससे लोगों में यह धारणा बन रही है कि आदेश महज कागजों तक सीमित हैं। सेवानिवृत पुलिस अधिकारी केके सिंह का कहना है कि जब तक नियमित और सतत अभियान नहीं चलाया जाएगा, स्थिति में सुधार संभव नहीं है।

सड़क किनारे खड़े वाहन न केवल दुर्घटना का कारण बनते हैं, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों और एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों की आवाजाही भी बाधित करते हैं।
2025 में माहवार सड़क दुर्घटना व मौत का आंकड़ा

[*]जनवरी: 14 दुर्घटनाएं, 12 मौत
[*]फरवरी: 17 दुर्घटनाएं, 13 मौत
[*]मार्च: 19 दुर्घटनाएं, 3 मौत
[*]अप्रैल: 27 दुर्घटनाएं, 25 मौत
[*]मई: 12 दुर्घटनाएं, 8 मौत
[*]जून: 17 दुर्घटनाएं, 12 मौत
[*]जुलाई: 21 दुर्घटनाएं, 17 मौत
[*]अगस्त: 22 दुर्घटनाएं, 27 मौत
[*]सितंबर: 12 दुर्घटनाएं, 11 मौत
[*]अक्टूबर: 9 दुर्घटनाएं, 9 मौत
[*]नवंबर: 21 दुर्घटनाएं, 18 मौत
[*]दिसंबर: 15 दुर्घटनाएं, 12 मौत



यातायात नियम का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों और चालकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। इस तरह का मामला सामने आने पर संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
रीतू रानी, जिला परिवहन पदाधिकारी, बेतिया।
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