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IIT Roorkee के छात्र शव सात दिन बाद मिला, 11 फरवरी को पैर फिसलने से बह गया था गंगनहर में

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सांकेतिक तस्वीर।



संवाद सहयोगी, रुड़की। गंगनहर में डूबकर लापता हुए आइआइटी के छात्र आशीष शुक्ला का शव सात दिन बाद बरामद हो गया। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और गोताखोरों की संयुक्त टीम ने मोहम्मदपुर झाल के पास शव खोज निकाला। इस दर्दनाक घटना से शहर को गहरे शोक में डुबो दिया है।

मंगलवार सुबह मोहम्मदपुर झाल क्षेत्र में सर्चिंग अभियान के दौरान 29 वर्षीय आशीष शुक्ला का शव गंगनहर से बाहर निकाला गया। आशीष आइआइटी रुड़की में एमबीए द्वितीय वर्ष के छात्र थे और बनारस के निवासी थे।

बीते 11 फरवरी को वह अपने साथियों के साथ गंगनहर स्थित वाल्मीकि घाट पर पहुंचे थे। घाट की सीढ़ियों पर पैर फिसलने से वह तेज बहाव में बह गए। साथियों और स्थानीय लोगों ने शोर मचाकर उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ ही पलों में वह आंखों से ओझल हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और संस्थान के छात्र मौके पर पहुंच गए थे। तलाशी के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आपदा नियंत्रण टीम और उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की टीमें लगातार सात दिनों तक अभियान चलाती रहीं।

एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि बहाव तेज होने के कारण खोजबीन में काफी कठिनाई आई, लेकिन टीमों ने हार नहीं मानी। उप्र सिंचाई विभाग के अवर अभियंता बीडी धीमान ने बताया कि, विशेष सर्च ऑपरेशन के लिए पंजाब से गोताखोर सोनू मलिक और उनकी टीम को बुलाया गया था।

विभाग की ओर से ऑक्सीजन सिलेंडर सहित अन्य संसाधन उपलब्ध कराए गए। सात दिनों की मशक्कत के बाद शव मिलने पर सभी में शोक की लहर है। इस हादसे के बाद उप्र सिंचाई विभाग द्वारा वाल्मीकि घाट पर आम आवाजाही रोकने के लिए दीवार निर्माण शुरू करा दिया है।

नहर क्लोजर होने के बाद घाट पर रेलिंग और जंजीरें लगाने की भी तैयारी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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