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BHU में सीएचएस प्रवेश प्रक्रिया को लेकर छात्रों का प्रदर्शन, धक्का-मुक्की

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काशी हिंदू विश्वविद्यालय। जागरण



जागरण संवाददाता, वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के केंद्रीय कार्यालय के बाहर मंगलवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब बड़ी संख्या में छात्रों ने सेंट्रल हिंदू स्कूल (सीएचएस-बालिका) की प्रवेश नीति के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों और विश्वविद्यालय के प्राक्टोरियल बोर्ड के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी देखने को मिली। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शनकारी छात्रों का मुख्य विरोध सीएचएस की कक्षा-9 में प्रवेश के लिए सीटों की संख्या \“शून्य\“ किए जाने को लेकर है।

छात्रों का कहना है कि मेधावी छात्राओं के लिए प्रवेश के द्वार बंद करना विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गरिमा के खिलाफ है। प्रतिभा के आधार पर प्रवेश न देना मेधावी छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। छात्रों ने मांग की है कि या तो कक्षा-9 में अतिरिक्त सेक्शन बढ़ाए जाएं या फिर सभी उपलब्ध सीटों पर पारदर्शी प्रवेश परीक्षा माध्यम से चयन किया जाए। छात्रों का तर्क है कि कोरोना काल से स्थगित कक्षा-6 की प्रवेश परीक्षा को तत्काल बहाल किया जाए।

उनका कहना है कि लाटरी सिस्टम के बजाय प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षा ही योग्य विद्यार्थियों को चुनने का सही माध्यम है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सत्र 2026 के लिए सभी कक्षाओं के लिए उपलब्ध हास्टल सीटों की स्पष्ट जानकारी आधिकारिक बुलेटिन में सार्वजनिक की जाए।

हंगामे को देखते हुए विश्वविद्यालय का सुरक्षा बल (प्राक्टोरियल बोर्ड) सक्रिय रहा। हालांकि, छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच कई बार धक्का-मुक्की की नौबत आई। छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे और विश्वविद्यालय प्रशासन से इस संवेदनशील मुद्दे पर तत्काल स्पष्टीकरण और सुधारात्मक कदम उठाने की अपील की।

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बीएचयू प्रशासन का स्पष्टीकरण, प्रवेश प्रक्रिया सीबीएसई के मानकों के आधार पर ही संचालित
बीएचयू प्रशासन ने सेंट्रल हिंदू गर्ल्स स्कूल में कक्षा-9 में छात्राओं के प्रवेश को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। साफ किया है कि प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के नियमों के अधीन है। प्रशासन का कहना है कि स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया सीबीएसई द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर ही संचालित होती है।

सीबीएसई की गाइडलाइंस के मुताबिक एक सेक्शन में अधिकतम 40 विद्यार्थियों की ही क्षमता हो सकती है। सेंट्रल हिन्दू गर्ल्स स्कूल में कक्षा-8 में पहले से ही पर्याप्त संख्या में छात्राएं पढ़ रही हैं, जो सीधे तौर पर अगली कक्षा (नवीं) में प्रोन्नत होती हैं।

प्रशासन ने आंकड़ों के जरिए समझाया कि स्कूल में नौवीं कक्षा के लिए कुल तीन सेक्शन स्वीकृत हैं। प्रत्येक सेक्शन में 40 छात्राओं के हिसाब से कुल क्षमता 120 है। चूंकि कक्षा 8 की वर्तमान छात्राएं ही इन 120 सीटों को भर देती हैं, इसलिए बाहरी प्रवेश के लिए अतिरिक्त सीटें शेष नहीं रह जाती हैं।

बीएचयू प्रशासन ने अभिभावकों और छात्रों से अपील की है कि वे इंटरनेट मीडिया पर चल रही अपुष्ट और भ्रामक जानकारियों पर ध्यान न दें। विश्वविद्यालय ने दोहराया कि वह नियमों और उपलब्ध संसाधनों के भीतर ही पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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