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एंटीबायोटिक का गलत इस्तेमाल रोकें, वरना साधारण संक्रमण भी होगा जटिल- डा. संतोष

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मीरजापुर में एंटीबायोटिक के गलत इस्तेमाल पर चेतावनी, एएमआर से बचें।



जागरण संवाददाता, चुनार (मीरजापुर)। एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) के विरुद्ध चल रहे दैनिक जागरण व आईएमए के संयुक्त जनजागरूकता अभियान के अंतर्गत बाराडीह स्थित पारसनाथ सिंह शांति देवी इंटर कालेज में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व कर्मचारियों ने शपथ ली कि वे बिना डाक्टर की सलाह एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन नहीं करेंगे और अपने परिवार व समाज को भी इसके प्रति जागरूक बनाएंगे।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चुनार के बाल रोग विशेषज्ञ डा. संतोष कुमार वर्मा ने कहा कि एंटीबायोटिक दवाओं का अनियंत्रित और अनावश्यक उपयोग आज विश्व स्तर पर गंभीर संकट का कारण बन रहा है। सामान्य संक्रमण पर असर करने वाली दवाएं अब कई मामलों में बेअसर हो रही हैं, जिसे एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस कहा जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि एंटीबायोटिक केवल बैक्टीरिया जनित संक्रमण में कारगर होती हैं, जबकि सर्दी, जुकाम, वायरल बुखार, गले में खराश जैसे रोगों में इनका प्रयोग लाभकारी नहीं होता।

इसके बावजूद लोग मेडिकल स्टोर से स्वयं दवा खरीदकर सेवन कर लेते हैं, जो भविष्य के लिए घातक साबित हो सकता है। डा. वर्मा ने बताया कि जब एंटीबायोटिक दवाओं का अधूरा या अनियमित कोर्स लिया जाता है तो शरीर में मौजूद बैक्टीरिया धीरे-धीरे दवा के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर लेते हैं। परिणामस्वरूप भविष्य में वही दवा असर नहीं करती और साधारण संक्रमण भी जटिल रूप धारण कर सकता है।

एएमआर के कारण उपचार की अवधि लंबी हो जाती है, मरीज को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ सकता है और इलाज का खर्च कई गुना बढ़ जाता है। कई बार अधिक शक्तिशाली और महंगी दवाओं का प्रयोग करना पड़ता है, जिनके दुष्प्रभाव भी अधिक होते हैं। उन्होंने चेताया कि लंबे समय तक एंटीबायोटिक सेवन से किडनी, लिवर और पेशाब नली पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

उन्होंने अपील की कि डाक्टर द्वारा बताई गई दवा का पूरा कोर्स निर्धारित समय तक लें और बीच में बंद न करें। छोटी बीमारियों में एंटीबायोटिक के उपयोग से बचें तथा मेडिकल स्टोर से बिना पर्चे के दवा लेने की प्रवृत्ति पर स्वयं अंकुश लगाएं। यदि युवा वर्ग जागरूक होगा तो समाज में इस समस्या पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने एएमआर के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प दोहराया। इस अवसर पर अध्यापक कमलेश कुमारी, विशाल सिंह, अवधेश कुमार, शिवकुमार सहित कक्षा नौ की प्रिया, अंशिका, आयुष, अजय तथा कक्षा 11 की ममता, शालू, नीतेश व रवि समेत बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

दैनिक जागरण हमेशा सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर सार्थक भूमिका निभाता रहा है और इस जागरूकता अभियान के माध्यम से समाज को सचेत करने का प्रयास कर रहा है। एंटीबायोटिक दवाओं का जिम्मेदारी से उपयोग करना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। अनावश्यक और बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवा लेने की प्रवृत्ति भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य संकट को जन्म दे सकती है। जागरूक युवा ही सही संदेश को घर-घर तक पहुंचा सकते हैं, ऐसे में विद्यार्थियों की भूमिका इसमें बेहद अहम है।
सरिका सिंह, प्रधानाचार्या
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