काम नहीं आई चालाकी, रिश्वत का तरीका बदलने के बाद भी मुजफ्फरपुर में प्रभारी डीएओ ट्रैप
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/18/article/image/DAO-Muzaffarpur-1771397106131_m.webpSVU Trap Action: निगरानी की टीम ने पटना ले जाकर पूछताछ की। फोटो: जागरण
अमरेंद्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur DAO Arrest: चालाकी भी आखिरकार काम नहीं आई। कार्यालय और आवास में लेन–देन से परहेज करने के बावजूद प्रभारी जिला कृषि पदाधिकारी (डीएओ) हिमांशु कुमार को विशेष निगरानी इकाई ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
बताया जाता है कि विभाग के पूर्व अधिकारी की आवास से गिरफ्तारी के बाद प्रभारी डीएओ ने रिश्वत लेने का तरीका बदल लिया था। वे न तो कार्यालय में और न ही घर पर सीधे पैसे लेते थे। आरोप है कि वे चालक के साथ वाहन से चलते-फिरते अलग-अलग स्थानों पर रकम वसूलते थे, ताकि किसी को शक न हो।
मंगलवार को उन्हें प्रमंडलस्तरीय बागवानी महोत्सव में शामिल होना था। कार्यक्रम स्थल राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केन्द्र में आयोजक उनका इंतजार करते रहे और मोबाइल पर संपर्क भी किया गया, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही वे समाहरणालय परिसर में विशेष निगरानी इकाई के हत्थे चढ़ गए।
जानकारी के अनुसार, सुबह उन्होंने एक खाद दुकानदार को बेला माल के पास बुलाया था, लेकिन नाला निर्माण के कारण वहां पहुंचने में देरी हुई। इसके बाद समाहरणालय परिसर में 50 हजार रुपये लेते समय निगरानी टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि इससे पहले भी गोबरसही इलाके के आसपास एक दुकानदार से रिश्वत ली गई थी।
खाद की प्रत्येेक बोरी पर 10 रुपये की मांग
सूत्रों के मुताबिक जिले में 1476 निबंधित उर्वरक दुकानें हैं। इनमें से 23 दुकानों पर कार्रवाई हो चुकी है, पांच पर प्राथमिकी दर्ज की गई है और पांच दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। आरोप है कि प्रभारी पदाधिकारी दुकानदारों पर हर खाद के बोरे पर 10 रुपये देने का दबाव बनाते थे। सीजन में सामूहिक रूप से तीन से चार लाख रुपये वसूले जाने की बात कही जा रही है।
शिकायतकर्ता इफको कृषक स्वावलंबी सहयोग समिति के माध्यम से खाद दुकान का संचालन कर रहा था। शिकायत के सत्यापन के बाद विशेष निगरानी इकाई ने जाल बिछाया और प्रभारी डीएओ को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। मामले में आगे की जांच जारी है।
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