नक्सलमुक्त हुआ बिहार! आखिरी हथियारबंद माओवादी ने किया सरेंडर, सुरेश कोड़ा ने पुलिस को सौंपी AK-47
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/18/article/image/Naxal-Surrender-Munger-1771428931569_m.webpहथियारबंद माओवादी सुरेश कोड़ा का आत्मसमर्पण
जागरण टीम, पटना/मुंगेर। बिहार से नक्सल दस्ते का सफाया हो चुका है। राज्य के आखिरी हथियारबंद माओवादी और तीन लाख के इनामी सुरेश कोड़ा उर्फ मुस्तकीम ने बुधवार को बिहार एसटीएफ और मुंगेर के डीआइजी के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
पुलिस-सुरक्षाबलों के दबाव में उसने हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। उसने एक एके 47, एक एके 56, दो इंसास रायफल और 505 कारतूस के साथ आत्मसमर्पण किया है।
एसटीएफ के महानिदेशक कुंदन कृष्णन ने कहा कि बिहार अब नक्सलमुक्त हो चुका है। अब राज्य की सीमा के अंदर कोई बड़ा हथियारबंद नक्सली नहीं है।
इनामी माओवादी सुरेश कोड़ा माओवादी स्पेशल एरिया कमेटी का कमांडर और सक्रिय सशस्त्र दस्ते का सदस्य था। लड़ैयाटाड़ थाना क्षेत्र के पैसरा गांव का सुरेश कोड़ा पिछले 25 वर्षों से फरार था।
मुंगेर प्रक्षेत्र के डीआइजी राकेश कुमार ने बताया कि सुरेश कोड़ा पर मुंगेर, लखीसराय और जमुई जिलों में कुल 60 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास योजना के तहत सुरेश कोड़ा और उसके स्वजनों को तीन लाख की इनामी राशि और आत्मसमर्पण के लिए पांच लाख की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके अलावा तीन साल तक प्रति माह दस हजार रुपये मिलेंगे।
प्रत्यार्पित हथियारों के बदले एके-47 और एके-56 के लिए 25-25 हजार, इंसास राइफल के बदले 20 हजार और गोलियों के लिए 1515 रुपये की राशि दी गई।
मुंगेर पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में पटना एसटीएफ के डीआईजी संजय कुमार, जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर तथा एसटीएफ की एसपी अंजली कुमार भी उपस्थित थीं।
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