कश्मीर में छिपे आतंकियों का होगा सफाया: CRPF ने 6 हजार फीट की ऊंचाई पर बनाए ऑपरेशनल बेस, पहलगाम हमले के बाद बदली रणनीति
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/18/article/image/Army-(6)-1771433888613_m.webpCRPF ने जम्मू-कश्मीर में 43 अस्थायी बेस बनाए (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के जंगलों में छिपे हुए आतंकियों का सफाया करने के लिए CRPF ने 6000 फीट से ज्यादा ऊंचाई पर 43 टेम्पररी ऑपरेटिंग बेस (TOB) बनाए हैं। ताकि ऊंचाई पर रहने वाले आतंकवादियों को ढूंढकर खत्म किया जा सके।
सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि 6,000 फीट की ऊंचाई पर बनाए गए इन बेस का इस्तेमाल मिट्टी और पत्थर की झोपड़ियों में छिपे आतंकियों को मार गिराने के लिए बनाया गया है। यहां कुछ दिनों तक सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स के जवान रहकर सर्च ऑपरेशन चलाएंगे और आतंकियों का काम तमाम करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, जुलाई, 2025 में पहला बेस बनने के बाद से अब तक कुल 43 टेम्पररी ऑपरेटिंग बेस बनाए जा चुके हैं। इनमें से 26 बेस कश्मीर इलाके में बनाए गए हैं, जबकि बाकी 17 जम्मू इलाके में हैं। हर टेम्पररी ऑपरेटिंग बेस में लोकल पुलिस के कुछ जवानों के अलावा करीब 16-25 जवान रहते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के बैसरन मैदानों में अप्रैल 2025 में हुए आतंकवादी हमले के तुरंत बाद पहलगाम-त्राल-हरवान इलाके में कई टेम्पररी ऑपरेटिंग बेस बनाए गए थे। सेंट्रल रिज़र्व पुलिस फोर्स (CRPF) और दूसरे सुरक्षा बलों ने जुलाई में पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदार तीन आतंकवादियों को खत्म करने के लिए ऐसे ही एक टेम्पररी ऑपरेटिंग बेस का इस्तेमाल किया था।
इस ऑपरेशन को \“ऑपरेशन महादेव\“ कहा गया। ऑपरेशन महादेव 22 मई को एक सुरक्षा प्लान के तहत शुरू हुआ था, जिसे 22 अप्रैल को पहलगाम की खूबसूरत बैसरन घाटी में हुए हमले के एक दिन बाद तैयार किया गया था, जिसमें 26 टूरिस्ट मारे गए थे। सेंट्रल पैरामिलिट्री फ़ोर्स ने इन टेम्पररी ऑपरेटिंग बेस के लिए कुछ खास सामान खरीदे हैं। जैसे - टैक्टिकल बूट, विंटर जैकेट, स्लीपिंग बैग और सैटेलाइट फोन। डेटा के मुताबिक, केंद्र शासित प्रदेश में लगभग दो लोकल आतंकवादी एक्टिव हैं, जबकि अभी लगभग 100 विदेशी आतंकवादी एक्टिव हैं।
एजेंसी इनपुट के साथ...
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