Tata Sons : एन चंद्रशेखरन को मिलेगा तीसरा कार्यकाल? 24 फरवरी की बोर्ड बैठक में लग सकती है मुहर
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/19/article/image/N-chandrshekharan-1771439737645_m.webpएन चंद्रशेखरन, चेयरमैन टाटा संस
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी Tata Sons की 24 फरवरी को होने वाली बोर्ड बैठक कॉर्पोरेट जगत के लिए बेहद महत्वपूर्ण होने जा रही है। इस बैठक में वर्तमान चेयरमैन N Chandrasekaran को अगले पांच वर्षों के लिए तीसरा कार्यकाल देने के प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लग सकती है। हालांकि उनका वर्तमान कार्यकाल खत्म होने में अभी एक साल का समय शेष है, लेकिन समूह उनके नेतृत्व में चल रहे बड़े प्रोजेक्ट्स की सफलता को देखते हुए इस पद पर निरंतरता बनाए रखना चाहता है।
टाटा ट्रस्ट्स की मिल चुकी है हरी झंडी टाटा संस के सबसे बड़े शेयरधारक, टाटा ट्रस्ट्स ने पिछले साल ही Chandrasekaran के तीसरे कार्यकाल की सिफारिश का प्रस्ताव पारित कर दिया था। जानकारी के अनुसार, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा और वाइस चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन उन्हें साल 2032 तक कार्यकारी चेयरमैन बनाए रखने के पक्ष में हैं।
रिटायरमेंट की आयु सीमा में मिलेगी ढील यदि 24 फरवरी को बोर्ड की मंजूरी मिलती है, तो Chandrasekaran लगातार 15 वर्षों तक टाटा समूह का नेतृत्व करने वाले दिग्गजों की सूची में शामिल हो जाएंगे। वर्तमान में एन चंद्रशेखरन की आयु 62 वर्ष है। टाटा समूह के नियमों के अनुसार कार्यकारी पदों से सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष निर्धारित है। यदि उन्हें तीसरा कार्यकाल मिलता है, तो कार्यकाल की समाप्ति पर उनकी आयु 68 वर्ष होगी। जानकारों का मानना है कि बोर्ड उनके लिए आयु सीमा के नियमों में ढील दे सकता है। जैसा कि पूर्व में रतन टाटा के समय भी किया गया था।
नेतृत्व की जरूरत और भावी चुनौतियां
विशेषज्ञों का मानना है कि टाटा समूह की भविष्य की महत्वाकांक्षी योजनाओं के लिए चंद्रशेखरन का नेतृत्व अनिवार्य है। इनमें प्रमुख हैं:
[*] सेमीकंडक्टर प्लांट की स्थापना।
[*] आईफोन मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार।
[*] इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बैटरी और ई-कॉमर्स प्रोजेक्ट्स।
टाटा समूह का इतिहास लंबे कार्यकाल वाले चेयरमैन का रहा है। जमशेदजी टाटा, जेआरडी टाटा और रतन टाटा ने दशकों तक समूह का मार्गदर्शन किया है।
24 फरवरी की बैठक के बाद जल्द ही शेयरधारकों की आम बैठक (EGM) बुलाई जा सकती है, जिसमें इस निर्णय पर अंतिम मुहर लगेगी। इसके साथ ही टाटा संस की संभावित लिस्टिंग को लेकर भी स्थिति साफ होने की उम्मीद है।
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