इबादत और गुलाल: 31 साल तक फिर नहीं दिखेगा ऐसा नजारा! जानें क्यों खास है इस बार का रमजान और होली
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राधेश्याम, रामपुर। इस साल लगातार तीसरी बार मुकद्दस रमजान में होली का उत्सव मनाया जाएगा। एक तरफ मुसलमान इबादत में मशगूल रहेंगे तो वहीं जमकर अबीर गुलाल उड़ेगा। इसके बाद यह संयोग 31 साल बाद आएगा। जब होली का त्योहार माहे रमजान में मनेगा। 2026 के बाद ऐसा मौका 2057 में ही दोबारा देखने को मिलेगा।
इस्लामिक कैलेंडर 33 साल में एक मौसमी चक्र को पूरा करता है। इसमें सर्दी, गर्मी और बरसात तीनों मौसम होते हैं। इस तरह 33 साल की अवधि में इस्लामिक त्योहार सभी मौसम से होकर गुजरते हैं। इस साल रमजान की शुरुआत 19 फरवरी से शुरू हुई। यह मौका करीब 22 साल बाद आएगा, जब मुकद्दस रमजान का आगाज सर्दी के मौसम में होगा। यह स्थिति 11 साल तक बनेगी रहेगी।
लगातार 3 वर्षों का दुर्लभ संयोग: रमजान के बीच होली
वर्ष
माह-ए-रमजान की अवधि (अनुमानित)
होली की तिथि
2024
11 मार्च से 09 अप्रैल
25 मार्च
2025
02 मार्च से 31 मार्च
14 मार्च
2026
18 फरवरी से 19 मार्च
04 मार्च
इसके बाद रमजान का महीना फिर बारिश और गर्मी के बीच पहुंच जाएगा। इस साल एक संयोग और बन रहा है, लगातार तीसरी बार रमजान के बीच रंगों का उत्सव मनाया जाएगा। लेकिन, इसके बाद इस मौके लिए 31 साल इंतजार करना पड़ेगा। वर्ष 2026 के बाद 2057 में यह संयोग दोबारा बनेगा जब माह-ए-रमजान में एक ओर जहां मुस्लिम समुदाय खुदा की इबादत करेगा। वहीं दूसरी ओर इसी इबादत के महीने में हिंदू समुदाय अबीर गुलाल उड़ाकर रंगों का उत्सव मनाएगा।
3 साल में एक मौसमी चक्र को पूरा करता है इस्लामिक कैलेंडर
रमजान इस्लामिक कैलेंडर का नौवां महीना है। रमजान की तारीखें इस्लामी कैलेंडर से तय होती हैं। जो एक हिजरी चंद्र कैलेंडर है जिसमें 12 चंद्र महीने होते हैं। हर महीना अर्द्धचंद्र के दिखने के साथ शुरू होता है। चंद्र महीना 29 या 30 दिन का होता है, जिससे चंद्र वर्ष करीब 354 दिन का हो जाता है।
ऐसे में सौर गणना आधारित ग्रेगोरियन वर्ष 10 से 12 दिन छोटा हो जाता है। इस अंतर के कारण रमजान हर साल ग्रेगोरियन कैलेंडर में पहले शुरू होता है और हर 33 साल में एक समय मौसमी चक्र को पूरा करता है।
दो साल लगातार रमजान के बीच मनेगी होली
2057 और 2058 में दो साल लगातार माह-ए- रमजान में रंगों का उत्सव मनाया जाएगा। 2057 में रमजान के महीने की अनुमानित अवधि 4 मार्च से 5 अप्रैल की बीच है। ऐसे ही 2058 में रमजान की अवधि 22 फरवरी से 25 मार्च के बीच है। 2057 में होली 20 मार्च और 2058 में नौ मार्च को होली मनाई जाएगी।
इस्लामिक कैलेंडर 33 साल में एक मौसमी चक्र को पूरा करता है। इसमें सर्दी, गर्मी और बारिश तीनों मौसम होते हैं। इस तरह 33 साल की अवधि में इस्लामिक त्योहार सभी मौसम से होकर गुजरते हैं। इस साल रमजान की शुरुआत 19 फरवरी से शुरु हो चुके हैं। यह मौका करीब 22 साल बाद आएगा जब मुकद्दस रमजान का आगाज सर्दी के मौसम में होगा। यह स्थिति 11 साल तक बनेगी रहेगी।
- मौलाना अरशद अली, इमाम बड़ी मस्जिद, बिलासपुर
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