कानपुर में दर्दनाक हादसा: कार की टक्कर से बाइक पर से गिरे 2 दोस्तों को कई वाहनों ने कुचला, मौके पर हुई मौत
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/18/article/image/kanpur-nes-(2)-1771436246704_m.webpमहाराजपुर मार्ग दुर्घटना में दिवंगत सोमप्रकाश और दिवंगत राहुल कुशवाहा की फाइल फोटो
संवाद सहयोगी, जागरण कानपुर। महाराजपुर में बुधवार रात हृदय विदारक हादसे में दो दोस्तों की मौत हो गई। कार की टक्कर से उछलकर बीच हाईवे पर गिरे युवकों को दस मिनट तक वाहन कुचलते हुए निकलते रहे। जिससे बाइक सवार दोनों दोस्तों की मौत हो गई।
पूरी सड़क पर फैले क्षत-विक्षत शवों व मांस के लोथड़ों को बड़ी मुश्किल से समेटकर पुलिस ने वहां से हटवाया। हादसे के चलते करीब एक घंटे तक रूमा कस्बे में हाईवे पर जाम लगा रहा। पुलिस ने शवों को हटवाकर यातायात बहाल कराया।
महाराजपुर के हाथीपुर गांव निवासी छेदालाल कुशवाहा का 25 वर्षीय इकलाैता बेटा राहुल कुशवाहा पड़ोस में रहने वाले दोस्त 35 वर्षीय सोमप्रकाश के साथ रोज मजदूरी करने शहर जाता था। दोनों पत्थर लगाने का काम करते थे। बुधवार रात करीब नौ बजे मजदूरी कर दोनों बाइक से घर वापस लौट रहे थे।
रूमा में ऐमा-ड्योढ़ीघाट मोड़ के सामने पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। जिससे दोनों उछलकर सड़क पर जा गिरे। इस दौरान हाईवे से गुजर रहे वाहन शवों को काफी देर तक रौंदते रहे। बाद में आसपास के लोगों ने पूरी सड़क पर फैले क्षत -विक्षत शवों को देखा तो वाहनों को रुकवाकर पुलिस को सूचना दी।
बड़ी मुश्किल से शवों को समेटकर वहां से हटवाकर रास्ता खुलवाया। महाराजपुर थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार दोनो युवक हाईवे पर गिर पड़े। जिससे पीछे से आ रहा ट्रक दोनों को कुचलते निकल गया। जिस वाहन से हादसा हुआ उसका पता लगाया जा रहा है।
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घर का दीपक बुझा , स्वजन के बिखर गए अरमान, मचा कोहराम
हाथीपुर में जैसे ही राहुल कुशवाहा व सोमप्रकाश के घरों में मार्ग दुर्घटना में दोनों के मौत की खबर खबर घरों में पहुंची तो स्वजन की चीखों से कोहराम मच गया। दिवंगत राहुल अपने घर का इकलौता दीपक था जो बुझ गया। मां आशा व पत्नी सुनीता का रो-रोकर बुरा हाल था।
बेटे आर्यन व रुद्रांश भी पापा के न रहने की सूचना पर बदहवास थे। वहीं सोमप्रकाश के घर में पत्नी गीता बिलख रही थीं। बेटे अमन व आदर्श और बेटियां अंशिका व कोमल मां से लिपटी पिता को खोने के गम से गमगीन थीं। ग्रामीण भी घटना से दुखी थे। लोगों की भीड़ दोनों के घरों में मौजूद थी। सभी स्वजन को सांत्वना दे रहे थे।
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