cy520520 Publish time 2026-2-19 06:57:07

यूपी में वाहनों की प्रदूषण जांच को लेकर बड़ा बदलाव, आज ही चेक कर लें ये चीज नहीं तो पड़ेगा भारी

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धर्मेश अवस्थी, लखनऊ। वाहनों की प्रदूषण जांच में बड़ा बदलाव किया गया है। वाहन खरीदते समय जो मोबाइल नंबर दर्ज कराया गया था, उसी पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी यानी वन टाइम पासवर्ड आएगा। यदि वाहन स्वामी ने पंजीकृत मोबाइल नंबर बदल दिया है या खो गया है तो नया नंबर अपडेट कराना होगा, उसके बाद ही प्रदूषण की जांच हो सकेगी। बिना प्रदूषण जांच के वाहन चलाने पर 10 हजार रुपये का चालान होगा। प्रदेशभर में चार करोड़ 80 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैँ।

इलेक्ट्रिक को छोड़कर सभी वाहनों की प्रदूषण जांच कराना अनिवार्य है। परिवहन विभाग अभी तक प्रदूषण की जांच ओटीपी के माध्यम से ही करता रहा है लेकिन, जांच कराने वाला जो भी मोबाइल नंबर बताता, उसी पर ओटीपी आती थी, कई बार जांच करने करने वाला अपने ही मोबाइल नंबर का उपयोग करके जांच करता रहा है। अब ऐसा नहीं हो सकेगा, वाहन स्वामी ने वाहन पंजीकरण कराते समय जो नंबर लिखा था, उसी पर ओटीपी आएगी।

बिना ओटीपी बताए यह प्रक्रिया पूरी नहीं होगी। पंजीकृत मोबाइल नंबर से वाहन स्वामियों को चालान होने की जानकारी होगी, साथ ही प्रदूषण जांच कराने का समय से पहले संदेश भी मिल सकेगा। परिवहन मुख्यालय के आरटीओ कमल जोशी ने बताया, पंजीकृत मोबाइल नंबर की व्यवस्था लागू कर दी गई है। इससे विभाग और वाहन स्वामी दोनों को लाभ होगा।
इन वाहनों की इतने दिन में होती जांच

नया बीएस-6 वाहन जो 2020 के बाद का है, की एक साल के लिए जांच होती है। बीएस-4 यानी ऐसे वाहन जो 2014 से 2020 के बीच खरीदे गए की भी एक साल तक जांच मान्य होती है। 2014 से पहले के बीएस-3 वाहनों की जांच छह माह तक ही मान्य होती है यानी तय अवधि के बाद वाहन की प्रदूषण केंद्र पर जांच करानी होती है।
प्रदूषण जांच का मूल्य

दोपहिया पेट्रोल वाहन से 70 रुपये, चार पहिया पेट्रोल या सीएनजी वाहन 90 रुपये और डीजल वाहनों की जांच का शुल्क 120 रुपये प्रति वाहन है।
22 लाख चालान लंबित, वाहन स्वामियों को पता नहीं

प्रदेशभर में 2024-25 में 27 लाख एक हजार 786 ई-चालान हुए। उनमें से 81.8 प्रतिशत यानी 22 लाख 11 हजार 244 चालान लंबित मिले। चार पहिया वाहनों में 53.9 प्रतिशत व दो पहिया वाहनों में 43.3 प्रतिशत और तीन पहिया वाहनों में छह प्रतिशत चालान लंबित थे। समीक्षा में सामने आया कि चालान लंबित होने की वजह वाहन स्वामियों को इसकी जानकारी न होना है, क्योंकि वाहन स्वामियों के मोबाइल नंबर पर चालान नहीं भेजे जा सके। अब पंजीकृत मोबाइल नंबर को अनिवार्य किया गया है, ताकि सिर्फ चालान ही नहीं परिवहन संबंधी कार्यों की जानकारी मोटर स्वामियों को आसानी से पहुंच सकेगी।
मोबाइल नंबर अपडेट कराने को ये करें

मोबाइल नंबर अपडेट करने को parivahan.gov.in वेबसाइट पर जाएं। इसके बाद \“\“Online Services\“\“ > \“\“Vehicle Related Services\“\“ पर क्लिक करें। अपना राज्य और RTO को यानी जिला सेलेक्ट करें। \“\“Update Mobile Number\“\“ या \“\“Miscellaneous\“\“ विकल्प पर क्लिक करें। गाड़ी का नंबर, चेसिस नंबर और इंजन नंबर के अंतिम पांच अंक डालें। पुराना नंबर अपडेट करने के लिए आधार ओटीपी का उपयोग करें। अब नया मोबाइल नंबर दर्ज करके उसे सबमिट कर दें। यदि आनलाइन करने में सहज नहीं हैं तो दूसरा विकल्प एआरटीओ कार्यालय जाकर प्रार्थना पत्र देकर मोबाइल नंबर अपडेट करा सकते हैं।

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