गुरुग्राम में HIV संक्रमण पर नियंत्रण बनी चुनौती, 107 मरीजों ने बीच में ही छोड़ दिया इलाज; 21 नए मामले आए
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/19/article/image/HIV-1771478094230_m.webpगुरुग्राम में एचआईवी संक्रमित बीच में छोड़ रहे इलाज। फोटो: सांकेतिक
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। मिलेनियम सिटी में एचआईवी संक्रमण के मामलों के साथ-साथ मरीजों द्वारा इलाज बीच में छोड़ने की बढ़ती प्रवृत्ति स्वास्थ्य विभाग के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
जनवरी महीने में जिले में 21 नए एचआईवी संक्रमित मरीज सामने आए, जबकि 107 मरीजों ने उपचार अधूरा छोड़ दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि दवा बीच में रोक देना न केवल मरीज के लिए खतरनाक है, बल्कि संक्रमण को बढ़ाने का कारण भी बन सकता है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जनवरी में 11 संक्रमित मरीजों की मौत हुई है। नए मामलों में 70 प्रतिशत पुरुष और 30 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। चार मरीज ऐसे भी मिले हैं, जिन्हें एचआईवी के साथ टीबी की समस्या है, जिससे उपचार और अधिक जटिल हो जाता है।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2021 से 2025 तक जिले में 2,406 एचआईवी मामलों की पुष्टि हो चुकी है। इस अवधि में 73 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई।
अधिकारियों का कहना है कि संक्रमण की रोकथाम के लिए जिले के स्कूलों, कालेजों और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। सुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुई के प्रयोग से बचाव और नियमित जांच की सलाह दी जा रही है। सरकार आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को हर महीने 2,250 रुपये की सहायता राशि भी दे रही है।
समय पर जांच और नियमित एआरटी दवाएं लेने से एचआईवी संक्रमित व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है, लेकिन इलाज छोड़ने से स्थिति गंभीर हो सकती है। मरीजों से अपील है कि वे उपचार बीच में न छोड़ें और नियमित दवा लेते रहें।
- डाॅ. लोकवीर, सीएमओ
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