ओडिशा स्किल मिशन: 22 सरकारी ITI बनेंगे हाई-टेक, Tata Technology के साथ 779 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट शुरू
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/19/article/image/iti-1771488580814_m.webpफाइल फोटो।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने राज्य के युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और औद्योगिक कौशल में दक्ष करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। भुवनेश्वर स्थित विश्व कौशल केंद्र (World Skill Center) में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने चार प्रमुख समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर उद्योग एवं कौशल विकास मंत्री संपद चंद्र स्वाईं ने कहा कि युवाओं को आधुनिक उद्योगों के अनुकूल बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कौशल विकास केवल सामाजिक कल्याण नहीं, बल्कि राज्य की आर्थिक मजबूती का आधार है।
ITI बनेंगे \“सेंटर ऑफ एक्सीलेंस\“: ₹779 करोड़ का निवेश
राज्य सरकार ने टाटा टेक्नोलॉजीज के साथ मिलकर ओडिशा के 22 सरकारी आईटीआई (ITI) को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है।
[*] लागत का विवरण: इस परियोजना पर कुल 779 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें 14% हिस्सा राज्य सरकार और लगभग 86% राशि टाटा टेक्नोलॉजीज वहन करेगी।
[*] आधुनिक प्रशिक्षण: इन केंद्रों पर इलेक्ट्रिक वाहन (EV), रोबोटिक्स, 3D प्रिंटिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), इंडस्ट्री 4.0 और उन्नत CNC-VMC मशीनिंग जैसे भविष्य की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
[*] मेंटनेंस और सपोर्ट: अगले 5 वर्षों तक टाटा टेक्नोलॉजीज प्रशिक्षकों की नियुक्ति, उपकरणों के रखरखाव और रोजगार सहायता में मदद करेगी।
छात्राओं के लिए डिजिटल कौशल और विदेशी रोजगार की राह
सरकार ने युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए तीन अन्य महत्वपूर्ण संस्थाओं के साथ भी हाथ मिलाया है:
[*]यूनिसेफ (UNICEF): ‘यूथहब’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से 2,000 से अधिक छात्राओं को डिजिटल कौशल प्रशिक्षण देकर सीधे रोजगार से जोड़ा जाएगा।
[*] कावासाकी रोबोटिक्स: वर्ल्ड स्किल सेंटर और कावासाकी रोबोटिक्स इंडिया के बीच हुई साझेदारी से युवाओं को रोबोटिक्स और ऑटोमेशन की अत्याधुनिक ट्रेनिंग मिलेगी।
[*]आत्रेय ग्लोबल: इस समझौते के तहत जर्मनी और अन्य यूरोपीय देशों में नौकरी के इच्छुक युवाओं को भाषा प्रशिक्षण और विदेशी प्लेसमेंट की सुविधा दी जाएगी।
इन पहलों का उद्देश्य ओडिशा के युवाओं को न केवल स्थानीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी रोजगार के श्रेष्ठ अवसर दिलाना है। अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और आधुनिक मशीनों की स्थापना से राज्य का तकनीकी शिक्षा ढांचा पूरी तरह बदल जाएगा।
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