मामा ने भांजे को दी खौफनाक मौत, 7 दिनों तक कैद में रखा फिर पजामे के नारे से घोंटा गला; रोंगटे खड़े कर देगी वारदात
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/19/article/image/indersen_news-1771492422326_m.webpकैप्शन: पुलिस टीम की जद में हत्यारोपित इंद्रसेन और यशू। जागरण
जागरण संवाददाता, झज्जर। रिश्तेदारी की आड़ में हत्या की खौफनाक साजिश रचने वाले मामा ने सिलानी गांव निवासी यशु को दो दिन तक चरखी दादरी बिगोवा गांव के एक एसडीएम स्कूल में एक कमरे में नशे की दवाई देकर बंद रखा और उसके बाद पांच जनवरी तक नशे की गोलियां देकर उसे अपनी गाड़ी में ही रखता था और गाड़ी में ही सुला देता था।
उसके बाद पांच जनवरी को रोहतक ले जा कर लोअर के नाड़े से उसका गला घोंट कर हत्या कर दी गई। पुलिस कमिश्नर ने इस मामले की जांच के लिए एसीपी प्रदीन नैन के नेतृत्व में एसआइटी का गठन कर दिया गया है।
एसआइटी में सीआईए प्रभारी कर्मबीर व स्पेशल स्टाफ प्रभारी राजेश कुमार को शामिल किया गया है। बुधवार को पुलिस ने शव का रोहतक पीजीआई में पोस्टमार्टम करवा दिया है।
चार घंटे तक परिजनों को समझाया
स्वजनों ने इस मामले में कुछ आपत्ति जताते हुए पोस्टमार्टम करवाने से इनकार कर दिया था। उसके बाद पुलिस से उन्हें समझाया और करीब चार घंटे तक चली पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के बाद शव मृतक के स्वजनों को सौंप दिया है और गमगीन माहौल के बीच शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।
बताया जा रहा है कि आरोपित इंदरसेन का बिगोवा के स्कूल में हिस्सेदारी है और पर बाघपुर गांव के सरकारी स्कूल में शिक्षक है। नेहरू कॉलेज के छात्र यशु की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके सगे रिश्तेदार इंदरसेन (युवक की मां के मामा के बेटे) को गिरफ्तार किया है, जो पेशे से एक शिक्षक है। आरोपित ने न केवल यशु का अपहरण किया, बल्कि उसे सात दिनों तक बंधक बनाकर रखने के बाद बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया।
डेड बॉडी हो गई थी फ्रीज
सीआईए प्रभारी निरीक्षक कर्मवीर के अनुसार, आरोपित दादरी के बिगोवा निवासी इंदरसेन ने पूरी वारदात को किसी पेशेवर अपराधी की तरह अंजाम दिया। उसे पता था कि यशु किस समय कॉलेज पहुंचेगा।
उसने वारदात से पहले ही आईएमटी रोहतक के सुनसान इलाके में गड्ढा खोद लिया था ताकि शव को तुरंत दफनाया जा सके। वारदात में इस्तेमाल की गई वैगनआर कार भी पुलिस ने बरामद कर ली है। उनका कहना है कि शव को दफनाने के बाद बारिश हो गई थी। ठंड व बारिश के कारण डेड बॉडी फ्रीज हो गई और दफनाने के बाद भी खराब नहींं हुई।
बीए द्वितीय वर्ष का छात्र था यशु, सेना की पृष्ठभूमि का परिवार
सिलानी केसो गांव का यशु चाहर (19) झज्जर के नेहरू कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष का छात्र था। परिवार में मां बबीता और बड़ा भाई अंकित है। अंकित भारतीय सेना में है। यशु भी सेना में जाना चाहता था।
यशु के पिता विरेंद्र सिंह का करीब 17 साल पहले निधन हुआ था। वह भी भारतीय सेना में थे। लेह में ड्यूटी के दौरान उन्हें पैरालिसिस अटैक आया था। इसके बाद परिवार के लोग उन्हें घर ले आए थे। 2 साल बाद बीमारी के चलते उनका निधन हो गया था।
इधर, स्वजनों के स्तर पर मामले में यह भी सामने आया कि बीती 18 जनवरी को यशु के मोबाइल नंबर परिवार को एक मैसेज आया। 26 जनवरी को भी मैसेज कर कहा कि अगर यशु से बात करनी है तो मोबाइल में रिचार्ज कराओ। इसके बाद 15 फरवरी को आखिरी बार मैसेज आया। इस बीच चल रहे मामले में पुलिस के स्तर पर कड़ी दर कड़ी जांच आगे बढ़ती रही। इस बीच आरोपित बीच-बीच में घर आकर सांत्वना देने की एक्टिंग भी कर रहा था।
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परत दर परत खुलेगा मामला
आरोपित इंंदरसेन से एसआइटी ने पूछताछ शुरू कर दी है। परत दर परत मामले की हकीकत क्या है वह पूछताछ में सामने आएगी। पुलिस के स्तर पर सबसे पहले शव का पोस्टमार्टम करवा कर उसका अंतिम संस्कार करवाना आवश्यक था। अब मामले की जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। -प्रदीप नैन, एसीपी व एसआइटी प्रभारी, झज्जर।
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