LHC0088 Publish time 2026-2-19 14:57:40

जनवरी में तेल आयात 3 साल में सबसे कम, फिर भी रूस ने अमेरिकी दावे को किया रिजेक्ट; कहा- भारत ने नहीं बदला रुख

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\“IND ने तेल खरीद पर नहीं बदला अपना रुख\“, अमेरिकी दावे पर रूस का \“प्रहार\“; भारत का रूसी तेल आयात कितना हुआ कम?



नई दिल्ली। अमेरिका की ओर से यह दावा किया गया था कि भारत, रूसी तेल नहीं खरीदने पर राजी हो गया है। अब इन्हीं दावों को लेकर रूस की प्रतिक्रिया सामने आई है। रूस के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान जारी कर तस्वीर साफ की। रूसी विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि कहा कि उसके पास यह मानने का “कोई कारण नहीं है“ कि भारत ने रूसी तेल खरीदने पर अपना रुख बदला है, भले ही US के दावे कुछ और ही कहते हों। यानी रूस से सीधे तौर पर अमेरिकी दावों को रिजेक्ट कर दिया।

रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि व्यापार से दोनों देशों को फायदा होता है और ग्लोबल एनर्जी मार्केट में स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलती है। रूस का यह बयान ऐसे समय आया है जब भरात ने अक्टूबर 2022 के बाद रूस से जनवरी 2025 में सबसे कम तेल आयात किया है।

रूस ने US प्रेसिडेंट डोनल्ड ट्रंप और सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो के हाल के बयानों को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि भारत रूसी तेल इंपोर्ट रोकने पर राजी हो गया है।
रूस ने अमेरिकी दावों को किया रिजेक्ट

रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा, “हमारे पास यह मानने का कोई कारण नहीं है कि भारत ने रूसी हाइड्रोकार्बन खरीदने पर अपनी स्थिति बदल दी है। भारत द्वारा रूसी हाइड्रोकार्बन खरीदने से दोनों देशों को फायदा होता है और इंटरनेशनल एनर्जी मार्केट में स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलती है।“

अमेरिकी की आलोचना करते हुए उन्होंने आगे कहा कि US प्रेसिडेंट डोनल्ड ट्रंप और US सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो के दावों में कुछ भी नया नहीं है, जिन्होंने आजाद देशों पर हुक्म चलाने का अधिकार छीन लिया है।
रूसी तेल खरीद को लेकर भारत पर लगा था 25% का अधिक टैरिफ

अमेरिका ने भारत पर रूस से तेल खरीदने की वजह से 25 फीसदी अधिक टैरिफ लगाया था, जो बढ़कर 50 फीसदी हो गया था। हालांकि, अब यह खत्म हो गया है और वर्तमान में भारत पर सिर्फ 18 फीसदी टैरिफ है।
भारत का रूस से तेल आयात हुआ कम

न्यूज एजेंसी रायटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार जनवरी में भारत का रूस से तेल आयात कम हुआ है। रिपोर्ट की मानें तो यह अक्टूबर 2022 के बाद सबसे कम है।

रॉयटर्स के डेटा का दावा है कि जनवरी में भारत के कुल इंपोर्ट में रूसी शिपमेंट का हिस्सा सिर्फ 21.2 परसेंट था, जो 2022 के आखिर के बाद से सबसे कम हिस्सा है, जो लगभग 1.1 मिलियन बैरल प्रति दिन है, जो दिसंबर से बहुत कम है और साल-दर-साल लगभग एक-तिहाई कम है।

डेटा से पता चला कि रूस से जनवरी में होने वाला इंपोर्ट दिसंबर के मुकाबले 23.5% और एक साल पहले के मुकाबले करीब एक तिहाई कम हुआ।

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