शहडोल में अवैध कटाई रोकने गई वन विभाग की टीम पर हमला, रेंजर सहित कई वनकर्मी घायल
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/19/article/image/shdl-van-karmi-attacked-21563-1771495622880_m.webpहमले में वनकर्मियों को चोटें आईं।
डिजिटल डेस्क, जबलपुर। शहडोल जिले के उत्तर वनमंडल अंतर्गत अमझोर वन परिक्षेत्र में अवैध लकड़ी तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम पर जानलेवा हमला कर दिया गया। तस्करों और उनके परिजनों ने वनकर्मियों को घेरकर मारपीट की और कुछ समय के लिए बंधक बना लिया। बाद में पुलिस हस्तक्षेप से स्थिति नियंत्रित हो सकी।
घटना अमझोर वन परिक्षेत्र के सीधी सर्किल अंतर्गत महादेवा गांव में बुधवार रात हुई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी, जहां साल वृक्षों की अवैध कटाई की पुष्टि हुई।
रंगे हाथ पकड़ने पर भड़के आरोपी
डीएफओ तरुण वर्मा के अनुसार, टीम ने घेराबंदी कर आरोपितों को साल की लकड़ी काटते हुए रंगे हाथ पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि अवैध लकड़ी का भंडारण महादेवा मंदिर की बाउंड्रीवाल और अपने घर के पास किया गया है।
कार्रवाई के दौरान नागेंद्र यादव, सुरेंद्र यादव, महेंद्र यादव, बाबूलाल यादव समेत अन्य लोगों ने दबाव बनाकर कार्रवाई रुकवाने की कोशिश की। विरोध बढ़ने पर वन अमले पर हमला कर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई गई।
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रेंजर सहित कई कर्मचारी घायल
हमले में रेंजर तरुणेंद्र सिंह, डिप्टी रेंजर दुर्गा प्रसाद अहिरवार और कई बीट गार्ड घायल हो गए। घायल कर्मचारियों ने डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बंधक बने वनकर्मियों को छुड़ाकर अस्पताल पहुंचाया।
वन अपराध और शासकीय कार्य में बाधा का केस
वन विभाग ने साल प्रजाति की लकड़ी जब्त कर आरोपियों के खिलाफ वन अपराध, शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट और जातिसूचक शब्दों के उपयोग की शिकायत जयसिंहनगर थाना में दर्ज कराई है। पुलिस और वन विभाग संयुक्त रूप से मामले की जांच में जुटे हैं।
थाना प्रभारी अजय बैगा ने बताया कि प्रकरण दर्ज कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आरोपियों की तलाश जारी है।
पहले भी हो चुके हैं हमले
उल्लेखनीय है कि हाल ही में शहडोल मुख्यालय से लगे वन क्षेत्र में कोल माफियाओं ने गश्ती दल पर हमला किया था, जिसमें कई वनकर्मी घायल हुए थे। लगातार हो रही घटनाओं ने जंगलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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