फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर फायरिंग, आगरा से मुंबई गए 5000 से अधिक युवक जांच के दायरे में
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/19/article/image/Bah-Bijauli-1-1771499329106_m.webpलॉरेंस बिश्नोई से जुड़े बाह के शूटर्स ने फायरिंग की थी। आरोपियों के गांव के लोग।
जागरण संवाददाता, आगरा। मुंबई में निर्माता निर्देशक रोहित शेट्टी के आवास पर हुई फायरिंग के मामले में बाह के बिजौली से पांच युवकों की गिरफ्तारी ने पुलिस को सतर्क कर दिया है।
एक अनुमान के अनुसार आगरा के पांच हजार से अधिक युवक महाराष्ट्र के मुंबई समेत अन्य जिलों में काम करते हैं। अधिकांश चाट एवं हलवाई का काम करते हैं। गिरफ्तार युवकों के तार कुख्यात लारेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े पाए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, फिल्म निर्माता-निर्देशक रोहित शेट्टी के मुंबई स्थित आवास पर हुई फायरिंग के मामले में अंतरराज्यीय कार्रवाई के दौरान जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, उनमें बिजौली गांव के दीपक, सनी, सोनू, रितिक और विष्णु कुशवाहा शामिल हैं।
इनकी गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश एसटीएफ और मुंबई पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में की गई। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि जिले के कई हजार युवक महाराष्ट के मुंबई, पुणे के अलावा गुजरात, पंजाब समेत अन्य राज्यों में काम करते हैं।
एक अनुमान के अनुसार इनकी संख्या पांच हजार से अधिक है। साइबर क्राइम सेल और सर्विलांस टीम अब ऐसे युवकों के सोशल मीडिया अकाउंट खंगाल रही है। साथ ही उनके बैंक खातों को भी चेक कराया जा रहा है।
जिन खातों में अचानक लाखों रुपये आए हैं, उन्हें चिन्हित करके विस्तृत छानबीन की जाएगी। साइबर क्राइम सेल देखेगी कि वह किस स्तर की नौकरी या काम करते हैं। उनकी कितनी आय होती है, अचानक उनके खाते में इतनी रकम कहां से आई, इस सबकी जांच करेगी।
बिजौली में युवकों की गिरफ्तारी पर सन्नाटा
बिजौली गांव के पांच युवकों पर हुई पुलिस कार्रवाई से पूरे गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। परिवारों में चिंता का माहौल है और गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव के लोगों का कहना है कि अचानक हुई इस कार्रवाई से सभी स्तब्ध हैं।
कुछ ग्रामीण इसे युवाओं की गलत संगत और बाहरी प्रभाव का परिणाम बता रहे हैं, तो कुछ सोशल मीडिया पर आपराधिक गिरोहों के बढ़ते महिमामंडन को जिम्मेदार मान रहे हैं।
उनका कहना है कि डिजिटल माध्यमों पर अपराधियों को दबंग छवि देकर प्रस्तुत किए जाने से युवाओं पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
बुजुर्गों का कहना है कि बदलते समय में उचित मार्गदर्शन और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों की कमी के कारण युवा भटकाव का शिकार हो रहे हैं।
स्वजन ने पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि सच्चाई सामने आनी चाहिए और निर्दोष को न्याय मिलना चाहिए। गांव में इस घटना को लेकर दिनभर चर्चाओं का दौर जारी है।
Pages:
[1]