deltin33 Publish time 2026-2-19 17:27:18

साइबर ठगों के साथ मिलकर की 80 करोड़ की ठगी... यूं हुआ मामले का राजफाश, छह गिरफ्तार व दो फरार

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मुजफ्फरनगर पुलिस लाइन में पकड़े गए आरोपितों के बारे में जानकारी देते एसपी देहात आदित्य बंसल। जागरण



जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर : साइबर थाना और फुगाना पुलिस ने आनलाइन लुटेरों को फर्जी दस्तावेजों पर बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले गिरोह का राजफाश किया है। एक वर्ष में यह गिरोह विदेशी साइबर ठगों के साथ मिलकर 100 से अधिक लोगों से 80 करोड़ रुपये की ठगी कर चुका है। पुलिस ने गिरोह के छह युवकों को पकड़ा है, जबकि इनके दो साथी फरार हैं। इनके कब्जे से मोबाइल, एटीएम कार्ड, सात बैंकों की प्री-एक्टिवेटेड किट तथा उपकरणों के अलावा नगदी बरामद हुई है।

पुलिस लाइन सभागार में हुई पत्रकार वार्ता में एसपी देहात आदित्य बंसल ने बताया कि विगत दिवस महाराष्ट्र मेक माई ट्रिप के माध्यम से फर्जी क्यूआर कोड भेजकर एक यात्री से 50 हजार ठगी की गई। ठगी से वसूली गई रकम मुजफ्फरनगर के फुगाना में अक्षय पुत्र ऋषिपाल के खाते में आने के बाद निकाला गया। जिसके आधार पर साइबर क्राइम थाना प्रभारी सुल्तान सिंह की टीम ने गहनता से जांच की।

मोबाइल नंबरों की काल रिकार्ड, बैंक खातों की कुंडली खंगाली तो बड़ा नेटवर्क पकड़ा गया। इसके बाद पुलिस ने अक्षय पुत्र ऋषिपाल निवासी फुगाना, हर्ष कुमार पुत्र विकास निवासी सिकंदरपुर, थाना भोपा, भव्यांश पुत्र गौरव निवासी गांव बेलडा, भोपा, सचिन पुत्र समय प्रकाश निवासी 90 सिंगल स्टोरी नई बस्ती नंदग्राम, गाजियाबाद, हरेंद्र पुत्र योगेंद्र निवासी तुगलकपुर,थाना खानपुर हरिद्वार (उत्तराखंड), आर्यन पुत्र दीपक निवासी गांधी नगर नई मंडी को पकड़ा है। जबकि इनके दो साथी राजा निवासी करौंदा महाजन, थाना फुगाना तथा अनुराग निवासी गाजियाबाद फरार है।

एसपी देहात ने बताया कि इनके द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक खातों में विदेश से ठगी का पैसा भेजा जाता है, जिसे यह निकालकर पांच से 10 प्रतिशत कमीशन पर अमेरिकी डालर में परिवर्तन कराते हैं। अक्षय के पास से मिले मोबाइल में 150 से अधिक बैंक खातों की डिटेल मिली है, जिनमें महाराष्ट्र, केरल, गुजराज, दिल्ली, तमिलनाडु से 100 से अधिक साइबर ठगी की शिकायत मिली है। एक वर्ष में आरोपित युवक अपने विदेशी साइबर ठगों के साथ मिलकर 80 करोड़ से अधिक की ठगी कर चुके है। दो माह में 30 लाख रुपये का लेन-देन इनके खाते में किया गया। गिरोह के सरगना अक्षय पर आइटी एक्ट, मारपीट समेत दुष्कर्म समेत पांच आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

तिहाड़ जेल में बंद रह चुका आरोपित अक्षय

एसपी देहात आदित्य बंसल ने बताया कि आरोपित अक्षय गिरोह को संचालित करता है। यह अपने साथियों के संग मिलकर लोगों के फर्जी आधार कार्ड, पैनकार्ड समेत दस्तावेजों पर बैंक खाता खुलवाता है। आरोपित पिछले वर्ष दुष्कर्म के मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद रहा था, जो जमानत पर बाहर है। सभी आरोपित आपस में दोस्त हैं। इनके विरुद्ध पुलिस गैंग्स्टर एक्ट की कार्रवाई करेगी। वहीं फरार दोनों आरोपितों की तलाश में दबिश दी जा रही है।

ग्रेजुएट, 12वीं पास और फेल भी शामिल

इस गिरोह का सरगना अक्षय बीबीए कर चुका है, जबकि हर्ष बीसीए, भव्यांश बीए, हरेंद्र रूड़की से पालिटेक्निक कोर्स कर चुका है, वहीं सचिन 12वीं फेल है तो आर्यन 12वीं पास है। जल्द अमीर बनने के लालच में साइबर ठगों के साथ जुड़े थे। एक वर्ष से निरंतर लोगों को शिकार बनाने में ठगों का साथ दे रहे थे।

यह सामग्री हुई बरामद : युवकों के कब्जे से नौ मोबाइल, 12 एटीएम कार्ड, दो पैन कार्ड, एक आधार कार्ड, 02 बैंक की चेकबुक, सात फिनो बैंक की प्री-एक्टिवेट किट, वाई-फाई राउटर, मानिटर, सीपीयू समेत 5,610 की नगदी बरामद हुई है।
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