बिहार में गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी, सीधे बैंक एकाउंट में जाएगी सब्सिडी की राशि
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/19/article/image/bihar-farmer-news-1771508136158_m.webpगन्ना किसानों के लिए खुशखबरी। (जागरण)
राज्य ब्यूरो, पटना। मुख्यमंत्री गन्ना यंत्रीकरण योजना के अंतर्गत कृषि यंत्र खरीदने वाले किसानों को डीबीटी के माध्यम से अनुदान की राशि भुगतान की जाएगी।
स्पष्ट है कि अनुदान की राशि सीधे उनके बैंक खाते में जाएगी। इस योजना के माध्यम से गन्ना किसानों को यंत्र खरीदने के लिए 50 से 60 प्रतिशत तक अनुदान मिलता है।
गन्ना उद्योग विभाग के अनुसार राज्य के 324 किसानों को यंत्र खरीदने के लिए परमिट जारी किए गए थे। स्वीकृति पत्र प्राप्त चयनित किसान सुमेक पोर्टल (https://sugarcanemech.bihar.gov.in) पर सूचीबद्ध विक्रेताओं से यंत्र खरीद सकते हैं। यंत्र का सत्यापन पूरा होने के बाद अनुदान राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।
इन यंत्रों पर अनुदान
डिस्क हैरो, पावर वीडर, पावर टीलर, लैंड लेवलर, लेजर लेवलर, रैटून मैनेजमेंट डिवाइस, रोटावेटर, मिनी ट्रैक्टर (4डब्लूडी), ट्रैक्टर माउंटेड हाइड्रॉलिक स्प्रेयर, शुगरकेन कटर प्लांटर एवं हाइड्रोलिक डिस्क हैरो आदि।
45.18 लाख किसानों का एग्रीस्टैक योजना के तहत रजिस्ट्रेशन
कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने गुरुवार को विधानसभा में आए एक प्रश्न के जवाब में यह कहा कि 17 फरवरी तक एग्रीस्टैक योजना के तहत 45.18 लाख किसानों का निबंधन किया जा चुका है।
किसी भी पात्र किसान काे पीएम किसान सम्मान निधि योजना तथा अन्य कृषि योजनाओं के लाभ से वंचित किया नहीं जाएगा।शालिनी मिश्रा द्वारा एग्रीस्टैक योजना का प्रश्न लाया गया था।
उनकी अनुपस्थिति में मंजीत सिंह ने इस प्रश्न को रखा। यह जानकारी दी गयी कि राज्य के 38 जिलों में 8553570 किसान पीएम किसान सम्मान निधि के तहत पंजीकृत हैं। इसमें अब तक मात्र 19.68 प्रतिशत लाभार्थी का ही एग्रीस्टैक योजना के तहत निबंधन हो पाया है।
कृषि मंत्री ने कहा कि जिन किसानों के पास जमीन का कागजात है उनका निबंधन तुरंत हो जा रहा। जिनके पास दस्तावेज नहीं है उन्हें देरी हो रही। वैसे सभी किसानों का फार्मर आईडी बनाया जाना है।
कृषि विभाग तथा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा इसके लिए संयुक्त रूप से काम किया जा रहा।अब किसानों के घर-घर जाकर इसके लिए काम हो रहा। इस प्रश्न पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि कृषि तथा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इस दिशा में ऐतिहासिक काम किया है।
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