पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को पत्नी के साथ पुलिस ने हिरासत में लिया, हजारीबाग में दे रहे थे धरना
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/19/article/image/Yogendra-Sao-Arrest-(1)-1771514047585_m.webpघटनास्थल पर उपस्थित योगेंद्र साव और हिरासत में ले जाती पुलिस। (जागरण)
संवाद सूत्र, केरेडारी (हजारीबाग)। जमीन, फैक्ट्री और 2013 भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत मुआवजा भुगतान की मांग को लेकर पिछले 50 दिनों से चल रहे आंदोलन के बीच गुरुवार को प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए पूर्व मंत्री योगेन्द्र साव और विधायक निर्मला देवी को पुलिस हिरासत में ले लिया।
दोनों नेताओं को केरेडारी थाना व पगार ओपी पुलिस ने ऋत्विक कोल माइंस कार्यालय के समीप कर्बला स्थित धरनास्थल से करीब साढ़े तीन बजे उठाया। उनके साथ तीन महिलाओं और एक पुरुष को भी हिरासत में लिया गया।
जानकारी के अनुसार, योगेन्द्र साव बीते एक दिसंबर 2025 से अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे थे। उनका आरोप है कि उनकी जमीन और फैक्ट्री अधिग्रहित की गई, लेकिन 2013 भूमि अधिग्रहण अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप मुआवजा भुगतान नहीं किया गया।
इसी मुद्दे को लेकर आंदोलन तेज हुआ और चट्टी बरियातू कोल माइंस का संचालन पिछले 30 दिनों से ठप पड़ा था। कोयला ट्रांसपोर्टिंग भी करीब 20 दिनों तक बंद रही, जिससे उत्पादन और आपूर्ति प्रभावित हुई।
माइंस चालू करने पर उठाए सवाल
गत 19 फरवरी को प्रशासनिक बल की मौजूदगी में माइंस और ट्रांसपोर्टिंग कार्य को पुनः शुरू कराया गया। गुरुवार को दिल्ली से लौटकर धरना स्थल पहुंचे योगेन्द्र साव ने माइंस चालू कराने पर सवाल उठाए।
बताया जाता है कि जिला प्रशासन द्वारा नियुक्त दंडाधिकारी के आदेश पर ही दोनों नेताओं को हिरासत में लिया गया। इधर, केरेडारी थाना परिसर में समर्थकों की भारी भीड़ जुटी रही।
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पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को ले जाती पुलिस। (जागरण)
पूर्व विधायक अंबा प्रसाद भी थाने पहुंचकर कानूनी प्रक्रिया की जानकारी लेती दिखीं। उल्लेखनीय है कि हाल ही में योगेन्द्र साव और अंबा प्रसाद ने दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात कर केरेडारी क्षेत्र की कोल कंपनियों से जुड़े मुद्दों से अवगत कराया था।
धरना के दौरान प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच कई बार वार्ता हुई, लेकिन समाधान नहीं निकल सका। फिलहाल पुलिस कानूनी प्रक्रिया में जुटी है और क्षेत्र में स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
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