Chikheang Publish time Yesterday 22:27

जमुई में पैरेंट्स ने चंदा इकट्ठा कर स्कूल के लिए खरीदी थी जमीन, 21 साल बाद भी सरकार नहीं बना पाई भवन

https://www.jagranimages.com/images/2026/02/19/article/image/jamui-news-(25)-1771520878000_m.webp

पढ़ाई करते बच्चे। (जागरण)



जागरण संवाददाता, जमुई। जमीन खरीद कर विद्यालय निर्माण की सरकार की कोई नीति नहीं थी। लिहाजा मजदूर वर्ग के अभिभावकों ने अपने बच्चों के भविष्य की चिंता की और आपसी सहयोग से विद्यालय के लिए जमीन सरकार के नाम खरीदने का फैसला लिया।

जमीन की खरीदारी हुए भी लगभग सात साल बीत गए लेकिन सरकार अब तक विद्यालय भवन बना पाने में कामयाब नहीं हुई है। यह स्थिति तब है जब बिहार में सर्वाधिक राशि शिक्षा पर खर्च की जा रही है।

मामला सिकंदरा प्रखंड के पिरहिंडा गांव का है। यहां मूल बस्ती से थोड़ा अलग सिकंदरा-शेखपुरा सड़क किनारे अति पिछड़े और दलित समाज का एक टोला है। पढ़ाई के लिए नौनिहालों को डेढ़ किलोमीटर की दूरी तय कर स्कूल जानी पड़ती थी।

तब तत्कालीन प्रमुख सिंधु कुमार पासवान के प्रयास से यहां नवसृजित प्राथमिक विद्यालय की स्वीकृति प्रदान की गई थी। तब से वह विद्यालय एक व्यक्ति के दरवाजे पर बरसों चलता रहा। वर्ष 2016 में किसी तरह स्थानीय लोगों ने चंदा इकट्ठा कर जमीन की खरीद की बात की। अब सरकार को लिखने की बारी थी। इसमें भी खूब चप्पल घिसना पड़ा।
बनी रहती है अनहोनी की आशंका

काफी संघर्ष के बाद 2019 में विद्यालय के नाम जमीन का निबंधन हो सका। अब भवन निर्माण के लिए राशि आवंटन की आवश्यकता हो गई। तमाम पत्राचार के बाद आज भी आपसी सहयोग से खड़ा ईंट और मिट्टी से दीवार पर पड़ा करकट के नीचे बच्चे पढ़ने को विवश हैं। थोड़ी हवा तेज चलती है तो करकट उड़ने से अनहोनी की भी आशंका बनी रहती है।

विद्यालय भवन निर्माण को लेकर अभिभावकों ने कई बार जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला पदाधिकारी के दरबार में हाजिरी भी लगाई लेकिन अब तक परिणाम अपेक्षित नहीं हो सका है। इधर एक बार फिर अभिभावकों ने हिम्मत जुटाकर अधिकारियों के दरवाजे दस्तक देने का फैसला लिया है।

स्थानीय लोगों में विष्णु रावत, ज्ञान कुमार पासवान मिट्ठू पासवान, सोनू कुमार, सुनील राम, श्री रावत, रामफल पासवान आदि ने बताया कि वे लोग दौड़-दौड़ कर थक चुके हैं। एक बार और प्रयास कर लेते हैं। उक्त विद्यालय में लगभग 100 बच्चे नामांकित है। सभी बच्चे बरामदे पर एक साथ पढ़ाई करते हैं।


मामला उनके भी संज्ञान में आया है। जिला पदाधिकारी से भी प्राक्कलन तैयार कर विभाग को भेजने का निर्देश प्राप्त हुआ है। जल्द ही इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई पूरी की जाएगी।
-

दयाशंकर, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जमुई।
Pages: [1]
View full version: जमुई में पैरेंट्स ने चंदा इकट्ठा कर स्कूल के लिए खरीदी थी जमीन, 21 साल बाद भी सरकार नहीं बना पाई भवन