नोएडा जिला अस्पताल में रिश्वत का आरोप, ऑपरेशन के लिए 32,000 रुपये मांगे; बुजुर्ग को OT से लौटाया
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/19/article/image/ddd-(22)-1771522796112_m.webpनोएडा जिला अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ की लापरवाही उजागर। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, नोएडा। जिला अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ पर एक बुजुर्ग के हाथ के ऑपरेशन के लिए परिवार से 32,000 रुपये मांगने का आरोप लगा है। पत्नी का कहना है कि जब उसने 20,000 रुपये और नहीं मांगे तो उसे बताया गया कि उसके पति का ब्लड प्रेशर हाई है और OT से बाहर कर दिया गया। पीड़ित ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी, CMO और CMS से की है। CMS ने मामले की जांच के लिए टीम बनाकर तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है।
कासगंज के रहने वाले इंद्रजीत कुमार सिंह, जो NHAI में रोड सेफ्टी मैनेजर हैं, ने बताया कि उनके ससुर गणेश सिंह 10 फरवरी की सुबह छलेरा में सीढ़ियों से गिर गए थे। परिवार वाले उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले गए। इमरजेंसी रूम में जांच के बाद 12 फरवरी को उनका ऑपरेशन तय किया गया।
आरोप है कि उस दिन अस्पताल के डॉक्टरों ने ऑपरेशन के लिए 32,000 रुपये मांगे। उनकी पत्नी पूनम देवी ने कैश लाकर पैसे दिए। बाद में बुजुर्ग को 17 फरवरी की तारीख बताई गई। डॉक्टर के कहने पर बुजुर्ग OT में गए लेकिन हाई ब्लड प्रेशर का हवाला देकर उन्हें लौटा दिया गया।
ऑपरेशन की अगली तारीख 18 फरवरी बताई गई। इंद्रजीत का आरोप है कि दूसरे डॉक्टरों ने भी उनसे 20,000 रुपये मांगे। जब पूनम ने उनकी मांग पूरी करने से मना कर दिया तो स्टाफ ने PAC रिपोर्ट फेल होने की बात कहकर मरीज को कहीं और रेफर करने की धमकी दी।
मरीज की हालत रोज बिगड़ती जा रही है। गुरुवार को रिश्वत का यह गंभीर मामला चीफ मेडिकल ऑफिसर (CMS) तक पहुंचा। उन्होंने तुरंत संज्ञान लेकर कार्रवाई का भरोसा दिया। चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. अजय राणा का कहना है कि मरीज ऑपरेशन के लिए आया था।
पता चला है कि बाहर के किसी स्टाफ मेंबर ने पैसे लिए थे। शिकायत के आधार पर जांच टीम बना दी गई है। जिला अस्पताल को बदनाम करने की भी साजिश है। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति साफ हो जाएगी।
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