हे मुखिया जी, अब कुर्सी छोड़ दें! पंचायती राज विभाग ने पूर्णिया DM को भेजा पत्र, सचिव भी दोषी
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/20/article/image/Purnea-Mukhiya-Removed-Over-Fund-Embezzlement-1771526221882_m.webpप्रतीकात्मक तस्वीर।
संवाद सूत्र, बनमनखी (पूर्णिया)। बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत विभागीय सचिव एवं द्वितीय अपीलीय प्राधिकरण, पंचायती राज विभाग ने 10 फरवरी 2026 को एक अहम आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार प्रखंड के सहुरिया सुभाय मिलिक पंचायत के मुखिया को 15वीं केंद्रीय वित्त आयोग से संबंधित योजना की राशि के गबन में दोषी पाए जाने पर पद से पदच्युत करने का निर्देश जिला पदाधिकारी, पूर्णिया को दिया गया है।
द्वितीय अपीलीय प्राधिकरण ने तत्कालीन सेवानिवृत पंचायत सचिव अशोक कुमार राय और पंचायत मुखिया दोनों को समान रूप से दोषी माना है। पंचायत सचिव पर पूर्व से प्रपत्र गठित था। यह आदेश ग्राम पंचायत के वार्ड नंबर 11 निवासी विपिन कुमार द्वारा 6 अक्टूबर 2025 को दायर परिवाद के आलोक में सभी पक्षों की सुनवाई के बाद जारी किया गया।
सुनवाई के दौरान अपीलीय प्राधिकरण ने प्रथम अपीलीय प्राधिकरण सह प्रमंडलीय आयुक्त, पूर्णिया के पारित अंतिम विनिश्चय और जिला परिषद, पूर्णिया की त्रिस्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट का भी अध्ययन किया। जांच में पाया गया कि योजना के कार्यान्वयन में कई स्तरों पर विभागीय निर्देशों का पालन नहीं किया गया, जिससे स्पष्ट रूप से सचिव और मुखिया दोनों दोषी पाए गए।
आदेश में जिला पदाधिकारी को निर्देशित किया गया है कि प्रथम अपीलीय प्राधिकरण के निर्णय के आलोक में दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही वित्तीय हानि की गणना कर वसूली की प्रक्रिया शुरू की जाए। मुखिया के खिलाफ बिहार पंचायत राज अधिनियम 2006 की धारा 18(5) के तहत पदच्युत करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
द्वितीय अपीलीय प्राधिकरण का यह आदेश आते ही स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। पंचायत और प्रखंड स्तर पर लोग इस मामले को लेकर चर्चा कर रहे हैं। अधिकारी अब अगली कार्रवाई के लिए तैयार हैं, और सभी की निगाहें जिला पदाधिकारी की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले से पंचायत स्तर पर जवाबदेही और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
Pages:
[1]