LHC0088 Publish time 2026-2-20 07:57:12

यूपी बोर्ड की पुस्तकों के प्रकाशन को लेकर दायर याचिका अस्वीकार, HC ने कहा- भविष्य में नए टेंडर पर अवसर खुला रहेगा

https://www.jagranimages.com/images/2026/02/20/article/image/HC_News-1771555181861_m.webp



विधि संवाददाता, जागरण, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा परिषद की पुस्तकों के प्रकाशन के लिए जारी निविदा को चुनौती देने वाली राजीव प्रकाशन की याचिका अस्वीकार कर दी है। न्यायमूर्ति अजित कुमार तथा न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने यह आदेश दिया है।

बोर्ड की तरफ से पेश अधिवक्ता ने बताया कि 13 नवंबर 2025 की निविदा सूचना संख्या 247 के अनुसार निविदा पहले ही उत्तरदाता संख्या दो को आवंटित की जा चुकी है और इसके परिणामस्वरूप कार्य आदेश 31 दिसंबर 2025 को जारी किया गया था, जिसके तहत पहले कक्षा नौ तथा 12 की पुस्तकों का प्रकाशन किया गया है, ये बाजार में उपलब्ध हैं। कक्षा 11 की पुस्तकें भी अन्य प्रकाशक द्वारा उपलब्ध हैं।

याची के अधिवक्ता ने इसे अस्वीकार नहीं किया, लेकिन कहा कि ऐसी शर्तें उचित नहीं हैं और जानबूझकर अच्छे इच्छुक व्यक्तियों को निविदा में आवेदन करने से रोकने के लिए शामिल की गई हैं।

यह भी पढ़ें- लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाली महिला को भी मिलेगा गुजारा भत्ता, शादी का सबूत जरूरी नहीं : हाई कोर्ट

कोर्ट ने कहा, हमारे विचार में यदि निविदा पहले ही आवंटित की जा चुकी है और आदेश का पालन किया गया है तो इस स्तर पर याचिका को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। हालांकि, याची को भविष्य में जारी किसी नई निविदा सूचना की शर्तों को चुनौती देने की स्वतंत्रता है। कोर्ट ने याचिका रिकार्ड में संचित कर ली है।
Pages: [1]
View full version: यूपी बोर्ड की पुस्तकों के प्रकाशन को लेकर दायर याचिका अस्वीकार, HC ने कहा- भविष्य में नए टेंडर पर अवसर खुला रहेगा