गुरुग्राम: ताऊ देवीलाल स्टेडियम में 15 साल से अटका बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण, HSVP और GMDA के बीच फंसा प्रोजेक्ट
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/20/article/image/Jagran-News-(541)-1771566685351_m.webpताऊ देवीलाल स्टेडियम में सालों से बंद पड़ा बहुउद्देशीय हाल का निर्माण। जागरण
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। गुरुग्राम में ताऊ देवीलाल स्टेडियम में करीब डेढ़ दशक से बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण कार्य बंद है। खेलों को बढ़ावा देने के दावों में यह शामिल नहीं होता।
स्थिति यह है कि जितना निर्माण कार्य हुआ है, वह खराब हो चुका है। वर्ष 2010 में जब यह बनना शुरू हुआ था लगा कि गुरुग्राम के खिलाड़ियों को इंडोर खेल सुविधा मिलने जा रही है। सरकारें बदली, मुख्यमंत्री बदले लेकिन अधूरे बहुउद्देशीय हॉल की दशा नहीं सुधरी।
दरअसल, स्टेडियम में 4 मंजीले बहुउद्देशीय हॉल के निर्माण का कार्य वर्ष 2010 में तेजी से शुरू हुआ था और 2011 में निर्माण का कार्य बंद कर दिया गया था। उस समय एक ही मंजील (अंडर ग्राउंड) का निर्माण हो पाया था। इसका निर्माण हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की तरफ से किया जा रहा था।
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ताऊ देवीलाल स्टेडियम में निर्माणाधीन बहुउद्देशीय हॉल के अंदर जमा गंदा पानी। जागरण
इसके बाद गुरुग्राम में वर्ष 2017 में जीएमडीए के गठन हुआ तो एचएसवीपी व जीएमडीए के बीच बहुउद्देशीय हॉल निर्माण को लेकर उहापोह की स्थिति बन गई। क्योंकि ताऊ देवीलाल स्टेडियम जीएमडीए की अधीन है।
इसमें एचएसवीपी को स्ट्रक्चर तैयार कर जीएमडीए को सौंपना था लेकिन आज तक बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण अधर में ही पड़ा हुआ है। उस समय में एसएचवीपी की तरफ से बजट नहीं होने की बात कही थी। बहुउद्देशीय हॉल पर कभी कहा जाता है कि जीएमडीए तैयार करेंगा और कभी कहा जाता है कि एचएसवीपी तैयार करेंगा।
अब तक सिर्फ पिलर खड़े कर सीढियां ही बनी हैं।स्थिति यह है कि वर्षा के दिनों इसमें पानी तक भर जाता है।
निर्माण पर खर्च होने थे 36 करोड़
बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण का पहले 20 से 25 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान था, लेकिन समय पर निर्माण कार्य पूरा नहीं होने से लगातार इसका बजट बढ़ता गया और वर्ष 2018 में इसकी लागत 36 करोड़ रुपए कर दी गई।
मंत्री का दौरा
वर्ष 2021 मार्च में तत्काल खेल मंत्री संदीप सिंह ने यहां का दौरा किया था और देखकर कहा था कि जितना निर्माण कार्य हुआ है वह भी खराब हो चुका है। उन्होंने कहा कि इसे नए सिरे से बनवाया जाएगा लेकिन हुआ कुछ नहीं।
स्टेडियम में मुख्यमंत्री आए लेकिन हॉल नहीं दिखा
बहुउद्देशीय हॉल का निमार्ण का कार्य कांग्रेस की भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार के दौरान 2010 में शुरू और उन्हीं की सरकार 2011 में निर्माण कार्य बंद हो गया था। उसके बाद मनोहर लाल खट्टर दस साल और अब नायब सिंह सैनी मुख्यमंत्री है। जब भी गुरुग्राम में आना हुआ, तो इन सभी नेताओं का हेलीकाप्टर इसी स्टेडियम में उतरता है लेकिन किसी को बहुउद्देशीय हॉल की तरफ नहीं गया।
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इन खेलों को होगा लाभ
बहुउद्देशीय हॉल निर्माण होने पर कुश्ती, जूडो, जिमनास्टिक, बैडमिंटन, मुक्केबाजी, वालीबाल, ताइक्वांडो, शतरंज, कबड्डी, बास्केटबाल, वेटलिफ्टिंग, तलवारबाजी, हाई जंप और अन्य कई इंडोर खेलों की व्यवस्था होनी है। इस बारे में जीएमडीए की प्रवक्ता नेहा का कहना है कि बहुउद्देशीय हॉल निर्माण का पूरा कार्य एचएसवीपी को करना है। जब यह तैयार होगा, तो आगे कार्य जीएमडीए करेगा।
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