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देवरिया में लगेगा बायोगैस प्लांट, स्थापना के लिए खोजी जा रही जमीन

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तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण



जागरण संवाददाता, देवरिया। जिले में जैव ऊर्जा नीति-2022 के तहत प्रस्तावित सीबीजी (कंप्रेस्ड बायो गैस) संयंत्रों की स्थापना के लिए सरकारी भूमि की तलाश तेज कर दी गई है। मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) ने सभी एसडीएम को पत्र लिखकर उपयुक्त भूमि चिह्नित कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

प्रदेश सरकार की ओर से घोषित उप्र राज्य जैव ऊर्जा नीति-2022 के तहत बायोगैस संयंत्र स्थापना के लिए बायो-एनर्जी पोर्टल पर जनपद देवरिया के लिए आवेदन किया गया है। नीति के अनुसार संयंत्र स्थापना के लिए सरकारी भूमि अधिकतम 30 वर्ष की अवधि के लिए मात्र एक रुपये प्रति एकड़ की दर से पट्टे पर अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग को दी जानी है। इसके लिए डेढ़ वर्ष से भूमि तलाशी जा रही है।

19 जुलाई 2024 को पत्राचार के माध्यम से चिह्नित भूमि को अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के नाम पट्टे पर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था, लेकिन अब तक भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी है।

इस बीच उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) ने डीएम से भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। यूपीनेडा के निदेशक इंद्रजीत सिंह ने इस संबंध में पत्र प्रेषित किया है।

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साथ ही परियोजना अधिकारी को निर्देश दिया है कि वे जिलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण कराएं, जिससे जिले में सीबीजी संयंत्र स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो सके। सीआरओ वीके सिंह ने बताया कि सभी तहसीलों के एसडीएम को पत्र लिखा गया है।





जिले में बायो गैस संयंत्र स्थापना के लिए 25 से 30 एकड़ सरकारी भूमि चाहिए। डेढ़ वर्ष से भूमि की तलाश की जा रही है। यदि भूमि उपलब्ध हो जाती है तो प्लांट की स्थापना हो सकेगी।
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गोविंद तिवारी, परियोजना अधिकारी, नेडा देवरिया।
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