सीएम उमर अब्दुल्ला का बड़ा ऐलान, जम्मू-कश्मीर में बड़ी मछलियों पर कार्रवाई से शुरू करेंगे अतिक्रमण विरोधी अभियान
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/20/article/image/Omar-Abdullah-Budget-Session-Jammu-Kashmir-1771582386861_m.webpउमर अब्दुल्ला बोले- बुल्डोजर अमीरों पर चलना चाहिए, गरीबों पर नहीं।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि जम्मू कश्मीर में सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण करने वाली बड़ी मछलियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विधानसभा में अपने विभागों की ग्रांट पर बहस का जवाब देते हुए उन्होंने विश्वास दिलाया कि अतिक्रमण विरोधीअभियान गरीबों से शुरू नही होगा। अब अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान ऐसे लोगों पर गाज गिरेगी जो सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण करने के बाद किसी न किसी राजनीतिक पार्टी में घुस जाते हैं जा फिर किसी नेता के पीछे छिप जाते हैं। हम पहले उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक शाम लाल शर्मा ने सही कहा था कि गरीब के खिलाफ बुल्डोजर चलता है तो अमीर बच जाता है। बुलडोजर चलना है तो सबसे पहले अमीर के खिलाफ चलाओ। क्लाइमेट चेंज को अहम मुद्दा करार देते हुए उन्होंने कहा कि हम किसी विभाग को इसकी जिम्मेदारही देंगे। यह विभाग स्टडी करेगा कि क्लाइमेट चेंज का जम्मू कश्मीर में क्या असर हो रहा है व इस पर किस तरह से काम किया जा सकता है।
हम साढ़े तीन हजार मैगावाट बिजली ही पैदा कर रहे
मुख्यमंत्री ने जम्मू कश्मीर में बिजली के वितरण व राजस्व बसूली की व्यवस्था को बेहतर बनाने का दावा करते हुए घोषणा की कि बिजली वितरण का निजीकरण नही किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर में 18000 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम साढ़े तीन हजार मैगावाट बिजली ही पैदा कर रहे हैं।
अगले दो -तीन सालों में हम बिजली की पैदावार को 7000 मेगावाट तक ले जाएंगे। पीछे बची 11 हजार मैगावाट बिजली पैदा करने के लिए केंद्र सरकार से साथ मिलकर विभागीय प्रोजेक्ट प्रोजेक्ट व प्रस्ताव तैयार करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले 10-15 सालों में हम यहां से पूरे देश को बिजली सप्लाई करने की स्थिति में होंगे।
जम्मू रिवर फ्रंट का विस्तार करने की योजना भी बनाएंगे
वहीं जम्मू में पर्यटन को बढ़ावा देने को सरकार की प्राथमिकता करार देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय योजना के तहत विकसित किए जाने वाले 9 नए पर्यटन स्थलों में जम्मू को भी उसका हिस्सा मिलेगा। उन्होंने कहा कि हम संबधित विभाग से बात करने के जम्मू रिवर फ्रंट का विस्तार करने की योजना भी बनाएंगे।
श्री माता वैष्णो देवी आने वाले पर्यटकों का हवाला देतमे हुए उमर ने कहा कि अगर हम 1 करोड़ पर्यटकों में 10 प्रतिशत को भी पर्यटक स्थलों तक ले जाएं तो ये 10 लाख टूरिस्ट पूरे जम्मू की इकोनामी को बदल सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी यह कोशिश है कि इन यात्रियों को हम काम से कम यहां 6 -7 दिन कहीं ले जाकर बार्डर टूरिज्म, पिलग्रिमेज टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाए।
जारी वर्ष में एडहाक कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से नियमित करने की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं अगर इन लोगों के साथ खिलवाड़ करना चाहता तो साढ़े तीन साल खामोश रहता व आखरी 1 साल में कहता कि की नही हो सकता कोड आफ कंडक्ट लागू हो गया है। उन्होंने कहा कि एडहाक कर्मचारी पिछले 20-30 साल से लगे हैं।
इस साल हम रेगुलराइजेशन की प्रक्रिया शुरू कर देंगे
बड़ी बातें करने वालों ने खुद कुछ नही किया। अगर कुछ खास किया होता तो मसला इतना बड़ा नही बनता। जो भाजपा-पीडीपी सरकार साढ़े तीन साल में नही कर पाई, उसे हम रातो रात नही कर सकते हैं। इस संबंध में मुख्यसचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी की रिपोर्ट आते ही एक टाइम टेबल के तहत इस साल हम शुरू करके इनका रेगुलराइजेशन की प्रक्रिया शुरू कर देंगे।
जारी वर्ष में तीस हजार रिक्त पद भरने की घोषणा करते हुए उमर ने कहा कि इसमें आउट सोर्सिंग के तहत लगाए गए बीस हजार शामिल नही हैं। उन्होंने कहा कि मैं नहीं चाहता हूं कि और नौजवानों के भविष्य से खिलवाड़ हो। उन्होंने कहा कि रिक्त पद भरने का काम चुनौतीपूण है। हम इस साल उसमें तेजी लाएंगे। सर्विस सिलेक्शन बोर्ड व पब्लिक सर्विस कमीशन के साथ मिलकर काम करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार को कर्ज का बोझ विरासत में मिला है। भाजपा विधायक पवन गुप्ता का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने भाषण में शायद यह दिखाने की कोशिश की हमारा फाइनेंशियल मैनेजमेंट बहुत ज्यादा कमजोर रहा।
केंद्रीय योजनाओं को लागू करने में थोड़ी चूक हुई
उन्होंने कहा कि हमने सत्ता के पहले साल में अपने कर्जे उतारे। इस साल के हमारे बजट में बाहर से कुछ उधार नही लिया गया है। कोई हुंडी नही है। उन्होंने माना कि केंद्रीय योजनाओं को लागू करने में थोड़ी चूक हुई है। इस साल उन्हें तेजी देने के लिए हम नई केंद्रीय फंडिंग, स्कीम स्पर्श के तहत काम कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पहले केंद्र प्रायोजित योजनाओं का पैसा एक साथ मिल जाता था। उसे अकाउंट में रखकर इस्तेमाल करते थे। अब ही केंद्र प्रायोजित योजना का फंड भारतीय रिजर्व के खाते में जाता है। यह खाता तभी खुलता है जब जम्मू कश्मीर अपने हिस्से का निर्धारित फंड उसमें डालेगा।
हम तब तक इस अकाउंट में पैसा नही निकाल सकते जब तक हम अपना मैचिंग ड्यूटी शेयर उसमें नही डालते। ऐसा करने पर ही अकाउंट एक्टिवेट होता है। इससे फाइनेंशियल फ्लैक्सिबिलिटी कम हो गई है। इससे अन्य प्रदेशों को भी दिक्कतें हो रही हैं।
सेवानृवित कर्मचारियों को उनका हक समय पर नहीं मिलता
मुख्यमंत्री ने कहा कि फंडिंग के लिए सासकी योजना से अच्छा कुछ नही है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर को 50 साल के लिए इंटरेस्ट फ्री लोन मिल रहा है। अगर आज हमें 3000 करोड़ को लोन मिलता है तो पचास साल के बाद इसकी वेल्यू 97 करोड़ रूपये के बराबर होगी।
इस पैसे से हम जमीनी सतह पर विकास कर पाएंगे। उन्होंने खराब वित्तीय निजाम हमें विरासत में मिला। हम इस ठीक करेंगे। पहले इस साल का खर्चा, अगले साल पर ट्रांसफर किया जाता था। आज हम उतना ही खर्च करते हैं जितना हमारे पास होता है।
मुख्यमंत्री उमर ने कहा कि हम शर्मिंदा हैं कि सरकारी कर्मचारियों को सेवानृवित होने पर उनका हक समय पर नहीं मिलता है। हम उनकी मुश्किल को दूर कर रहे हैं। उन्होंने हाउस को जानकारी कि उनकी सरकार ने अब तक सेवानिवृत कर्मचारियों को 3173 करोड़ जीपीएफ, 1170 करोड़ ग्रेच्यूटी, 838 करोड़ कंम्पयूटेशन व 425 करोड़ रूपये बतौर लीव पे सैलरी दी है।
...टूरिज्म रिवाइवल के नाम पर मैने सैर की
बैसरन में आतंकी हमले से पर्यटन पर पड़े विपरीत असर का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा लगता था कि अगले दो-तीन साल पर्यटक, जम्मू-कश्मीर के तरफ कोई आंख उठाकर नहीं देंखेेगे। विपक्ष के नेता को लगता है कि टूरिज्म रिवाइवल के नाम पर मैने सैर की।
हमें लोगों को मजबूर करना पड़ा कि आप कश्मीर आ सकते हैं। कई पर्यटन स्थल बंद होने के बाद पर्यटक आने लगे। उन्होंने कहा कि अब हमारे डेस्टिनेशंस खुल गए हैं। उन्होंने यकीन दिया कि जो पर्यटन स्थल अभी भी नही खुले हैं, उनके बारे में केंद्र सरकार से बात कर उन्हें मई महीने में खोल दिया जाएगा।
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