टेबल टॉपर होने के बावजूद दो टीमें नहीं खेल पाएंगी सेमीफाइनल मैच, ICC के फैसले पर क्यों मचा है घमासान?
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/20/article/image/T20-World-Cup-2026-1771586021263_m.webpटी20 वर्ल्ड कप 2026
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सुपर-8 के मुकाबले शनिवार, 21 फरवरी से खेले जाएंगे। हालांकि, इससे पहले इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, लीग स्टेज में अपने ग्रुप पर टॉप करने वाली सभी टीमों को सुपर-8 में एक ही ग्रुप में रखा गया है, जिसको लेकर अब आईसीसी की आलोचना हो रही है। ऐसा कहा जा रहा है कि इस कदम से टॉप रहने वाली टीम को फायदा नहीं पहुंचा।
टूर्नामेंट में अकसर इस बात का ध्यान दिया जाता है कि अगर किसी टीम ने अंक तालिका में पहले स्थान पर रहते हुए अपना अभियान समाप्त किया है, तो उसे फायदा मिले। हालांकि, टी20 विश्व कप में ऐसा नहीं हुआ और सभी टॉपर टीमों को एक ग्रुप में डाल दिया गया है, जिससे दो टीमों का सेमीफाइनल से बाहर होना तय है। इसी को लेकर अब आईसीसी की आलोचना हो रही है।
किस ग्रुप में कौन-सी टीम शामिल?
सुपर-8 के पहले ग्रुप में भारत, जिम्बाब्वे, वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका की टीम शामिल है। इन सभी टीमों ने अपने ग्रुप में पहला स्थान हासिल किया था। इसके अलावा दूसरे ग्रुप में पाकिस्तान, न्यूजीलैंड, श्रीलंका और इंग्लैंड की टीम शामिल है। ये टीमें अंक तालिका में दूसरे स्थान पर रही थी।
क्यों हो रही आईसीसी की आलोचना?
दरअसल, अगर एक ग्रुप में दो टेबल टॉपर और दो दूसरे स्थान पर रहने वाली टीमों को रखा जाता, तो पहले स्थान पर रहने का फायदा होता। इससे टेबल पर टॉप करने वाली सभी चार टीमों के पास मौका होता कि वे सेमीफाइनल खेल सकें। हालांकि, अब एक ही ग्रुप में होने की वजह से दो ही टीमों को सेमीफाइनल का टिकट मिल सकता है। ऐसे में ग्रुप स्टेज में पहला स्थान हासिल करने का किसी टीम को कोई फायदा नहीं मिल रहा है।
आईसीसी ने क्यों किया ऐसा फैसला
भारत और श्रीलंका में टूर्नामेंट को ध्यान में रखते हुए पहले से टीमों को अलग-अलग ग्रुप में बांट दिया गया था। ऐसा फैसला इसलिए भी लिया गया था क्योंकि पाकिस्तान ने भारत आने से इनकार कर दिया था। पहले भारत के ग्रुप में ऑस्ट्रेलिया का नाम था लेकिन उनकी जगह जिम्बाब्वे ने क्वालीफाई किया। जिम्बाब्वे का ही उदाहरण देखें, तो उन्होंने श्रीलंका को हराकर ग्रुप टॉप किया और ऐसे में अगर श्रीलंका मुकाबला जीत लेती, तो भी जिम्बाब्वे ही भारत के ग्रुप में शामिल होती और वो दूसरे नंबर की टीम होती। आईसीसी से अनजाने में तरह की स्थिति पैदा हुई है।
यह भी पढ़ें- \“बेटा परफॉर्म करो...\“, शादाब खान के वर्ल्ड कप जीत के बयान से तिलमिलाए शाहिद अफरीदी; जमकर निकाली भड़ास
यह भी पढ़ें- ऑस्ट्रेलिया की कभी नहीं हुई होगी इतनी तगड़ी बेइज्जती, ओमान के कप्तान ने कंगारूओं को दे डाली धमकी
Pages:
[1]