इंदौर के MY अस्पताल में चूहों के बाद अब बिल्लियों की धमाचौकड़ी, HIV यूनिट तक पहुंचीं
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/20/article/image/cat-in-MY-03-1771587436557_m.webpअस्पताल में कक्ष के बाहर घूमती बिल्ली (वीडियो ग्रैब)
डिजिटल डेस्क, इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित महाराजा यशवंतराव अस्पताल (एमवायएच) में लापरवाही का एक और नमूना सामने आया है। यहां चूहों के कुतरने से दो नवजातों की मौत के छह माह बाद ही बिल्लियों की धमाचौकड़ी देखने को मिल रही है। यह यह बिल्लियां एचआइवी संक्रमित मरीजों की यूनिट और दवा कक्ष तक पहुंच रही हैं। इतना ही नहीं, अस्पताल के ओपीडी परिसर में एक बिल्ली ने तो तीन बच्चों को जन्म दिया है। मामला सामने आने पर अस्पताल प्रबंधन ने हाउसकीपिंग कंपनी एचएलएल एजेंसी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
स्टोर के पास घूम रहीं बिल्लियां
जानकारी के अनुसार एचआईवी संक्रमित मरीजों व नवजात शिशुओं के लिए जिस स्टोर से दवाएं दी जाती हैं, वहां भी बिल्लियों के घूमने और गंदगी फैलाने की शिकायत मिली है। वहीं एआरटी (एंटीरेट्रोवायरल थैरेपी) एकीकृत परामर्श केंद्र के कुछ कर्मचारी बिल्लियों की देखभाल करते दिखे। इससे संक्रमण नियंत्रण और स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि पिछले दिनों तीन में से बिल्ली के दो बच्चों का रेस्क्यू किया है, तीसरे को पकड़ने की कार्रवाई जारी है।
पिंजरे लगाने के निर्देश
मामला संज्ञान में आते ही हाउसकीपिंग कंपनी को परिसर खाली कराने और बिल्लियां पकड़ने के लिए पिंजरे लगाने को कहा है। मामले में जीरो टालरेंस की नीति अपनाई जा रही है। ओपीडी दोपहर दो बजे के बाद बंद हो जाती है, इसलिए संक्रमण का खतरा नहीं है। पेस्ट और एनिमल कंट्रोल एजेंसी की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
-डॉ. अरविंद घनघोरिया, डीन, एमजीएम मेडिकल कॉलेज
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