वीजा बनवाने के नाम पर ठगी, इब्राहिमपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर बलिया जिले को किया ट्रांसफर
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/20/article/image/cyber-fraud-(1)-1771590846378_m.webpसंवाद सूत्र, अंबेडकरनगर। जालसाज ने रिश्तेदार की मदद से वीजा बनवाने के नाम पर रुपये ठग लिया गया। पुलिस ने दो लोगों पर मुकदमा दर्ज कर बलिया जिले में विवेचना स्थानांतरित कर दिया। बलिया जिले के रसड़ा के अमहर दखिन पट्टी गांव के दिनेश कुमार गुप्त वर्ष 2002 में कुबैत में वीजा बनवा काम करने गए थे, जहां उनकी मुलाकात इब्राहिमपुर के जियापुर गांव के मोहम्मद हारुन उर्फ फारुख से हुई।
जुलाई 2024 में कुवैत में रहते हुए दिनेश कुमार का वीजा खत्म हो रहा था। इस बीच वह घर चले आए। मोहम्मद हारून द्वारा अपने रिश्तेदार का वीजा निकलवाने की जानकारी हुई तो फोन पर संपर्क किया। बताया कि कंपनी में हेल्परी का काम है। आठ घंटे ड्यूटी है। ओवर टाइम का रुपया अलग से मिलेगा। 15 लोगों का वीजा लगवा रहा हूं।
एक लाख में वीजा मिलने की कही बात
वीजा एक लाख 20 हजार रुपये लगेंगे। उसने अपने रिश्तेदार नदीम का मोबाइल दिया था। दिनेश की नदीम से बात हुई तो बताया गया कि मेरे साथ वीजा निकलवा कर साथ ही कुवैत चलेंगे। मोहम्मद हारून व रिश्तेदार नदीम ने विश्वास में लिया। इसके बाद नजरीन नाम का क्यूआर भेजा। क्यूआर स्कैनर पर 23 मई 2025 को अपने साथ चार लोगों के 10 हजार रुपये भेजा।
इसके बाद प्रति व्यक्ति 10 हजार रुपये की मांग करने पर 40 रुपये भेजे। आरोप है कि इसके बाद मोहम्मद हारून व रिश्तेदार नदीम के खाते में 15 हजार रुपये प्रति व्यक्ति समेत गांव के मुरारी गौड़ व बेलाल अहमद का 45 हजार रुपये भेजा।
इसके बाद लखनऊ के गोमतीनगर स्थित चंदन हास्पिटल में मेडिकल के लिए भेजा गया था। बताया कि मेडिकल के बाद वीजा भेजेंगे। इसके बाद भी फारुख ने मोबाइल बंद कर लिया।
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रिश्तेदार नदीम से संपर्क किया तो गाली देते हुए धमकी दी। पीड़ित ने इब्राहिमपुर पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग किया। थानाध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर बलिया जिले को विवेचना के लिए ट्रांसफार्मर कर दिया गया है।
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