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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का 2000 करोड़ का कार्गो हब तैयार, ई-कॉमर्स और कृषि उत्पादों को मिलेगा नया मंच

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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बना कार्गो टर्मिनल में सामान को स्कैन करने के लिए लगे स्कैनर को यहीं से मानिटर किया जाएगा। सौरभ राय



जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का मल्टी माॅडल कार्गो हब पूरी तरह तैयार हो चुका है। एयरपोर्ट से यात्री सेवा शुरू होने के साथ ही कार्गो सेवा भी शुरू हो जाएगी। दो हजार करोड़ की लागत से बने कार्गो हब के पहले चरण में हैंडलिंग क्षमता सालाना 2.5 लाख मीट्रिक टन है।

शुरुआत में यह घरेलू सेवा होगी। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय कार्गो सेवा शुरू हो जाएगी।इसे उत्तर भारत में एक्सप्रेस ई-काॅमर्स कार्गो की बढ़ती मांग को देखते हुए एयर इंडिया सैटस ने इसे विकसित किया है।
कई परीक्षणों में हो चुके हैं सफल

कंपनी के सीईओ रामनाथन राजमणि ने बताया कि इंटीग्रेटेड कार्गो हब के पहले चरण का एंड-टू-एंड कार्गो फ्लो, सुरक्षा जांच, सिस्टम इंटीग्रेशन और विभिन्न एजेंसियों के समन्वय से जुड़े परीक्षण पूरे हो चुके हैं। कार्गो हैंडलिंग और सुरक्षा से जुड़े प्रमुख सिस्टम प्रमाणित हो चुके हैँ। इसमें बीसीएएस स्वीकृत एक्स-रे मशीन, एक्सप्लोसिव ट्रेस डिटेक्टर, डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर, कैस्टर डेक सिस्टम आदि उपकरण शामिल हैं।
अब अगले चरण का काम शुरू होगा

उन्होंने बताया कि 87 एकड़ क्षेत्र मल्टी माडल कार्गो हब में तीस एकड़ में कार्गो टर्मिनल व शेष 57 एकड़ में वेयरहाउस व लाॅजिस्टिक की सुविधा विकसित की गई है। क्षमता का 80 प्रतिशत उपयोग होने पर कार्गो हब के अगले चरण का काम शुरू होगा। इंटीग्रेटेड वेयरहाउसिंग एंड लाजिस्टिक्स जोन के साथ आइसीटी के एकीकरण का काम 14 से 18 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य है।
125 कर्मचारी किये गए नियुक्त

कार्गो हब के संचालन, सुरक्षा जांच और उपकरण संचालन के लिए लगभग 125 कर्मचारियों की नियुक्ति हो चुकी है। संचालन शुरू होने पर जरूरत के हिसाब से इसमें वृद्धि की जाएगी। उन्होंने कहा कि नोएडा एयरपोर्ट उत्तर भारत के लिए लाॅजिस्टिक्स गेटवे बनेगा। इसके शुरू होने का उद्योग जगत को बेसब्री से इंतजार है। इस क्षेत्र में उद्योगों की तेजी से स्थापना हो रही है।
किसानों को मिलेगी मजबूती

मशीनरी के साथ खाद्य प्रसंस्करण एवं कृषि उत्पाद को कार्गो हब के जरिये देश दुनिया तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए कोल्ड सप्लाई चेन तैयार की गई है। किसानों को भी आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि कार्गो टर्मिनल एवं वेयरहाउस की एकीकृत सुविधा से कार्गो हैंडलिंग सुविधाजनक होने के साथ तेजी से इसे लक्ष्य तक पहुंचाया जा सके।
एयर इंडिया सैट्स एवं कांटिनेंटल कैरियर के बीच अनुबंध

एयर कार्गो लाजिस्टिक्स को मजबूत करने के लिए शुक्रवार को एयर इंडिया सैट्स एवं कांटिनेंटल कैरियर्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच अनुबंध हुआ। इसके तहत निर्यात ट्रांसशिपमेंट कार्गो को सुरक्षित और कस्टम नियमों के अनुरूप नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचाया जाएगा।

नई दिल्ली के कापसहेड़ा स्थित कांटिनेंटल कैरियर्स प्राइवेट लिमिटेड के एयर फ्रेट स्टेशन से निर्यात ट्रांसशिपमेंट कार्गो को जेवर स्थित एयरपोर्ट के मल्टी माॅडल कार्गो हब तक पहुंचाया जाएगा। इसके तहत कस्टम क्लियर किया गया कार्गो बांडेड ट्रकिंग के माध्यम से भेजा जाएगा।

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