इटावा में सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे युवक की हत्या, रेलवे लाइन किनारे बोरी में मिला शव, सिर धड़ से अलग
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/20/article/image/Manish-Yadav-murder-1771605852476_m.webpपोस्टमार्टम पर विलखता मनीष का भाई। जागरण
संवाद सूत्र, इकदिल (इटावा)। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र की जमीन की रंजिश में अपहरण कर हत्या कर दी गई। छात्र दो दिन पूर्व कोचिंग के लिए घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं आया। गुरुवार देर रात उसका शव क्षेत्र में डीएफसी लाइन के किनारे बोरी में लिपटा मिला।
उसका सिर धड़ से अलग था और एक पैर कटा होने के साथ जबड़ा टूटा था। शरीर पर मारपीट से चोट के निशान मिले। स्वजन ने अपहरण व हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। शाम को स्वजन के विरोध के बाद तीन डाक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया।
शुक्रवार सुबह सूचना मिलने पर स्वजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे तो शव की हालत देखकर बदहवास हो गए। बड़ा भाई बेसुध होकर गिर पड़ा। पिता फूट-फूटकर रोने लगे। भरथना क्षेत्र के नगला बंधा गांव निवासी मनीष यादव (25) के पिता राजवीर सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा गांव में पड़ोस में रहने वाली महिला से कई वर्षों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई जारी है। आए दिन दोनों परिवारों में मारपीट होती है। महिला पहले भी मेरे परिवार के खिलाफ कई झूठे मुकदमे दर्ज करा चुकी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि महिला ने ही मेरे बेटे की हत्या कराई है। उन्होंने बताया कि मनीष बुधवार की सुबह करीब सात बजे कोचिंग के लिए निकला था। देर रात तक जब वह घर नहीं लौटा तो स्वजन ने तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिली। मनीष का मोबाइल नंबर भी स्विच आफ बता रहा था। इसके बाद अपहरण की आशंका जताते हुए भरथना पुलिस को सूचना दी थी। गुरुवार रात पुलिस को सूचना मिली कि क्षेत्र में रेलवे लाइन के पास एक संदिग्ध प्लास्टिक की बोरी पड़ी हुई है।
पुलिस ने रात 12 बजे पहुंचकर जांच की तो प्लास्टिक की बोरी के अंदर युवक का क्षत-विक्षत शव पड़ा था। शव की पहचान के लिए शवगृह में रखवाया गया था। गुमशुदा लोगों की सूची से मिलान के बाद पुलिस ने शक के बिना पर मनीष के स्वजन को शिनाख्त के लिए बुलाया। राजवीर सिंह, अपने बड़े बेटे अवनीश यादव के साथ पहुंचे।
स्वजन ने कहा कि बुधवार रात को ही पुलिस को मनीष के गुमशुदगी की सूचना दी थी और अपहरण की आशंका जताई थी। पड़ोस में रहने वाली महिला और उसके स्वजन से विवाद के बारे में भी बताया था। पुलिस ने शुरुआत में मामले को गंभीरता से नहीं लिया। पिता ने कहा कि अगर पुलिस सक्रियता दिखाती तो शायद बेटा जिंदा होता। राजवीर ने पुलिस पर आरोपितों से मिले होने का आरोप भी लगाया।
उन्होंने कहा रात 12 बजे ही पुलिस को मनीष का शव मिल गया था, पर पुलिस ने 10 घंटे बाद सुबह जानकारी दी। सीओ सिटी अभय नारायण सिंह ने मृतक मनीष के पिता और भाई अवनीश को ढांढस बंधाते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि हर पहलू पर जांच की जा रही है। मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों को जांच के दायरे में लिया है। काल डिटेल्स, लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली जा रही है, जल्द ही मामले का खुलासा होगा।
राजबीर ने बताया कि एक बहन और दो भाइयों में मनीष सबसे छोटा बेटा था। मनीष और उसका बड़ा भाई अवनीश, दोनों ही सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे थे। इससे पहले मनीष ने बीएससी एग्रीकल्चर और बीएड कर रखा था। हाल ही में जूनियर असिस्टेंट की परीक्षा दी थी, जिसका परिणाम अभी आना बाकी था।
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