जान बूझकर निर्दोष कुत्ते को कुचलकर मार डाला, जमशेदपुर में बाइक सवार पर केस दर्ज
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/21/article/image/arrest-(1)-1771617834722_m.webpजमशेदपुर: दयाल सिटी में कुत्ते को कुचलने वाले वाहन चालक पर FIR।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। परसुडीह थाना क्षेत्र स्थित दयाल सिटी परिसर में 17 फरवरी को दयाल सिटी के एस-103 के सामने एक वाहन चालक ने कथित तौर पर जानबूझकर एक कुत्ते को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
दयाल सिटी निवासी सचिन कंचन की शिकायत पर शुक्रवार को परसुडीह थाना में वाहन मालिक धमेंद्र कुमार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पशु क्रूरता अधिनियम के तहत आरोपित किया है।
वाहन चालक ने कुत्ते को देखकर भी वाहन की रफ्तार कम नहीं की और उसे बेरहमी से कुचल दिया। परसुडीह थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे
सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
वहीं इस घटना से पशु प्रेमियों को झकझोर कर रख दिया है। उनका कहना है कि बेजुबान जानवरों के प्रति क्रूरता समाज में बढ़ती संवेदनहीनता का संकेत है।
आरोपित के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। गौरतलब है कि इससे पहले गोलमुरी में इस तरह की घटना हुई थी। यह घटना जमशेदपुर में सड़क सुरक्षा और पशु कल्याण दोनों के लिहाज से चिंताजनक है।
इरादतन क्रूरता का केस दर्ज
चालक द्वारा कुत्ते को स्पष्ट रूप से देखते हुए भी ब्रेक न लगाना और जानबूझकर गाड़ी चलाना इरादतन क्रूरता की श्रेणी में आता है, जिसे पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के अंतर्गत सजा का प्रावधान है।
धारा 11 जानवरों को अनावश्यक पीड़ा पहुंचाने या मारने को दंडनीय मानती है, हालांकि पुराने कानून के कारण अधिकतम सजा मात्र तीन महीने की कैद या मामूली जुर्माना रह जाती है।
कई विशेषज्ञों और एनजीओ का मानना है कि ऐसे मामलों में भारतीय दंड संहिता की धारा 428 या 429 (जानवरों को नुकसान पहुंचाने की) को भी जोड़ा जा सकता है, जहां सजा अधिक गंभीर हो सकती है।
जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के अलावा घटनास्थल के आसपास के गवाहों के बयान और वाहन के रजिस्ट्रेशन विवरण को भी प्राथमिकता दी है।
यदि चालक की पहचान पुख्ता हो जाती है और इरादतन क्रूरता साबित होती है, तो कोर्ट अतिरिक्त सख्ती दिखा सकता है, जैसे वाहन जब्ती या ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन।
यह घटना जमशेदपुर में हाल के वर्षों में बढ़ती पशु क्रूरता की घटनाओं की एक और कड़ी है। गोलमुरी में कुत्ते को बाइक से बांधकर घसीटने जैसी वारदातों के बाद स्थानीय पशु प्रेमी संगठन सक्रिय हो चुके हैं।
पुलिस से निरंतर निगरानी की मांग कर रहे हैं। ऐसे मामलों में अक्सर देखा जाता है कि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद ही तेज कार्रवाई होती है, जबकि मौके पर शिकायत न होने से कई अपराधी बच निकलते हैं।
पशु प्रेमियों का कहना है कि शहर में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ रही है और उन्हें सड़क पर सुरक्षित स्थान देने के बजाय कुछ लोग उन्हें खतरा मानकर क्रूरता दिखाते हैं।
समाधान के तौर पर वे स्ट्रीट डॉग स्टेरिलाइजेशन और वैक्सीनेशन (ABC प्रोग्राम) को तेज करने, पशु क्रूरता के प्रति जागरूकता अभियान चलाने और स्कूल-कॉलेज स्तर पर संवेदनशीलता शिक्षा देने की मांग कर रहे हैं।
पशु क्रूरता रोकथाम कैसे हो?
[*]घटना देखते ही तुरंत पुलिस (100) या स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
[*]PCA एक्ट 1960 की धारा 11 के साथ-साथ IPC की संबंधित धाराओं का हवाला दें।
[*]PETA India, Wildlife SOS, या जमशेदपुर के स्थानीय एनिमल वेलफेयर संगठनों से मदद लें।
[*]सोशल मीडिया पर सत्यापित जानकारी साझा करें ताकि जागरूकता फैले, लेकिन अफवाहों से बचें।
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