deltin55 Publish time 1970-1-1 05:00:00

UP News: कोर्ट से लौटते समय राहुल गांधी ने रामचे ...


सुल्तानपुर/लखनऊ। कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर पहुंचे, जहां उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया। अदालत में करीब आधे घंटे तक चली प्रक्रिया के बाद वह लखनऊ के लिए रवाना हुए। रास्ते में उन्होंने अयोध्या-प्रयागराज हाईवे स्थित गुप्तारगंज में दिवंगत रामचेत मोची की दुकान पर रुककर उनके परिवार से मुलाकात की और श्रद्धांजलि अर्पित की। यह पूरा घटनाक्रम राजनीतिक और मानवीय, दोनों पहलुओं से चर्चा में रहा- एक ओर अदालत में कानूनी कार्यवाही, तो दूसरी ओर एक पुराने परिचित परिवार से संवेदनात्मक भेंट।





धारा 313 के तहत बयान


शुक्रवार सुबह राहुल गांधी दिल्ली से लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे। वहां से वे सड़क मार्ग से सुल्तानपुर के लिए रवाना हुए। अदालत परिसर में उनके पहुंचते ही समर्थकों की भीड़ जमा हो गई। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी और पुलिस-प्रशासन को भीड़ नियंत्रित करने में मशक्कत करनी पड़ी।

एमपी-एमएलए कोर्ट में मानहानि के इस मामले में धारा 313 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत राहुल गांधी का बयान दर्ज किया गया। यह वह प्रक्रिया होती है जिसमें अदालत आरोपित से सीधे सवाल पूछती है और उसे अपने ऊपर लगे आरोपों पर स्पष्टीकरण देने का अवसर दिया जाता है। करीब 30 मिनट तक कोर्ट कक्ष का दरवाजा बंद रखकर बयान दर्ज करने की कार्रवाई चली। इस दौरान अदालत परिसर में समर्थकों का जमावड़ा बना रहा। कोर्ट परिसर के भीतर और बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए बैरिकेडिंग की गई और प्रवेश-निकास पर कड़ी निगरानी रखी गई।






आरोपों को निराधार बताया


सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने अदालत में अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया और खुद को बेगुनाह बताया। उन्होंने कहा कि उनके बयान को संदर्भ से काटकर पेश किया गया है। अदालत ने मामले में अगली सुनवाई की तारीख 9 मार्च तय की है। उस दिन बचाव पक्ष की ओर से सफाई साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे।

सुरक्षा और भीड़ का दबाव


राहुल गांधी के सुल्तानपुर पहुंचने की खबर पहले से थी, जिसके चलते कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में अदालत परिसर के बाहर जुट गए। कई समर्थकों ने उन्हें माला पहनाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने इसे विनम्रता से मना कर दिया। कोर्ट की कार्यवाही पूरी होने के बाद जब वे बाहर निकले तो भीड़ और बढ़ गई। सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति को देखते हुए उन्हें मुख्य द्वार की बजाय दूसरे गेट से बाहर निकाला। पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरतता नजर आया।















रामचेत मोची की दुकान पर रुकना


अदालत से निकलने के बाद राहुल गांधी अयोध्या-प्रयागराज हाईवे के गुप्तारगंज स्थित रामचेत मोची की दुकान पर रुके। यह वही दुकान है जहां करीब डेढ़ साल पहले उन्होंने अचानक पहुंचकर कुछ समय बिताया था और स्वयं बैठकर जूते सिले थे। उस समय यह तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चित हुए थे।

रामचेत मोची का तीन महीने पहले कैंसर से निधन हो गया था। इस बार राहुल गांधी ने उनकी दुकान पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार से मुलाकात की। दुकान पर उस समय रामचेत के बेटे राघव मौजूद थे। राहुल गांधी करीब सात मिनट तक वहां रुके। उन्होंने राघव से परिवार का हालचाल पूछा और संवेदना व्यक्त की कि वह अंतिम समय में उपस्थित नहीं हो सके।





श्रद्धा से मुलाकात, चोट पर जताई चिंता


मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने राघव की छोटी बेटी श्रद्धा को गोद में उठाया। बताया जाता है कि बच्ची के पैर में चोट थी। राहुल गांधी ने उसके पैर में चोट देखकर पूछा कि क्या हुआ। परिवार ने बताया कि चोट ठीक नहीं हो रही है। राहुल गांधी ने बच्ची को चॉकलेट दी और उसे दुलार किया। यह दृश्य आसपास मौजूद लोगों के बीच भावनात्मक माहौल बना गया। उन्होंने राघव को आश्वासन दिया कि जब भी जरूरत होगी, वह मदद के लिए खड़े रहेंगे।


परिवार के सदस्यों ने बताया कि डेढ़ साल पहले जब राहुल गांधी दुकान पर आए थे, तब उन्होंने कुछ देर बैठकर जूते सिले थे और बाद में रामचेत को सिलाई मशीन भी भेजी थी। इस बार उनकी यात्रा का मकसद परिवार से मिलकर संवेदना प्रकट करना था।

राजनीतिक संदेश या व्यक्तिगत संबंध?


राहुल गांधी का यह पड़ाव राजनीतिक विश्लेषकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ इसे एक संवेदनात्मक और मानवीय पहल मान रहे हैं, तो कुछ इसे जमीनी जुड़ाव का राजनीतिक संदेश बता रहे हैं। हालांकि, राहुल गांधी की ओर से इस मुलाकात को लेकर कोई औपचारिक राजनीतिक बयान जारी नहीं किया गया। स्थानीय स्तर पर मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे “पुराने रिश्ते को निभाने” का उदाहरण बताया।


मानहानि मामला


यह मामला केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है। शिकायतकर्ता की ओर से इसे मानहानि का मामला बताते हुए अदालत में याचिका दायर की गई थी। अदालत में चल रही सुनवाई के तहत राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर बयान दर्ज कराना था। इसी सिलसिले में वे शुक्रवार को सुल्तानपुर पहुंचे। धारा 313 के तहत दर्ज बयान के बाद अब मामला बचाव पक्ष के साक्ष्यों के चरण में प्रवेश करेगा। 9 मार्च को अगली सुनवाई में राहुल गांधी की ओर से दस्तावेज और अन्य साक्ष्य पेश किए जाने की संभावना है।


तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर फैसला



9 मार्च की सुनवाई इस मामले में अहम मानी जा रही है। उस दिन बचाव पक्ष अदालत के सामने अपने तर्क और साक्ष्य रखेगा। इसके बाद अदालत आगे की प्रक्रिया तय करेगी। राजनीतिक दृष्टि से यह मामला कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है। हालांकि अदालत में यह एक विधिक प्रक्रिया है, जिसमें तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर फैसला होना है।

एक दिन, दो तस्वीरें



शुक्रवार का दिन राहुल गांधी के लिए दो अलग-अलग तस्वीरें लेकर आया। एक ओर अदालत में कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखते हुए एक राजनेता की छवि, तो दूसरी ओर एक आम परिवार के बीच बैठकर संवेदना प्रकट करते हुए एक मानवीय चेहरा। सुल्तानपुर कोर्ट की कार्रवाई और गुप्तारगंज की यह संक्षिप्त मुलाकात दोनों ने दिन भर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा को जन्म दिया। अब नजर 9 मार्च की अगली सुनवाई पर है, जहां यह देखा जाएगा कि मानहानि मामले में बचाव पक्ष किस तरह अपना पक्ष रखता है। वहीं, रामचेत मोची के परिवार से मुलाकात ने एक बार फिर जमीनी स्तर पर नेताओं के संपर्क और संबंधों की अहमियत को रेखांकित किया है।







https://www.deshbandhu.co.in/images/authorplaceholder.jpg
Editorial Team




Rahul Gandhi Ramchet MochiRahul Gandhi in Sultanpur courtRamchet Mochi familyLucknow NewsSultanpur NewsUP News










Next Story
Pages: [1]
View full version: UP News: कोर्ट से लौटते समय राहुल गांधी ने रामचे ...