चोरी या खोए हुए फोन हाथ में पाकर खिल उठे चेहरे, दिल्ली पुलिस ने 1000 गुम मोबाइल फोन ट्रेस कर लौटाए
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/21/article/image/Jagran-News-(565)-1771653090217_m.webpपुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया। जागरण
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली में हौज खास स्थित एनसीयूआई ऑडिटोरियम में दिल्ली पुलिस सदर्न रेंज की ओर से शुक्रवार को ऑपरेशन विश्वास के तहत साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
दिसंबर 2025 में लगभग 1,000 खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को एडवांस्ड टेक्निकल सर्विलांस, डिजिटल एनालिसिस और लगातार फील्ड कोशिशों से ट्रेस कर उनके मालिकों को लौटाया गया। साथ ही बेहतर काम करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित भी किया गया।
सदर्न रेंज के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर एसके जैन ने कहा कि जब नागरिक और पुलिस साथ मिलकर आगे बढ़ते हैं तो सेफ्टी सबसे मजबूत होती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विशेष आयुक्त कानून व्यवस्था मधुप तिवारी ने कहा कि डिजिटल युग में सुरक्षा के लिए नागरिकों और पुलिस के बीच जागरूकता, अनुशासन और सहयोग की जरूरत है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि साइबर क्रिमिनल डर और लालच का फायदा उठाते हैं, और सिर्फ़ एक जागरूक नागरिक ही ऐसे खतरों को असरदार तरीके से बेअसर कर सकता है। डिजिटल युग में जागरूकता ही शक्ति है, सतर्कता ही सुरक्षा है, और पार्टनरशिप हमारी सबसे बड़ी ताकत है। हम सब मिलकर क्राइम को पीछे छोड़ देंगे और दिल्ली को सुरक्षित रखेंगे, सड़कों पर भी और साइबरस्पेस में भी।
दक्षिणी जिला पुलिस उपायुक्त अंकित चौहान ने नागरिकों के ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति बढ़ते जागरूकता और त्वरित रिपोर्टिंग की तत्काल आवश्यकता पर प्रकाश डाला। साइबर विशेषज्ञ ईशान सिन्हा ने डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी, निवेश और पोंजी घोटाले, नौकरी और रोजगार धोखाधड़ी, ऑनलाइन प्रतिरूपण और फिशिंग, सुरक्षित डिजिटल अभ्यास के साथ ही व्यावहारिक साइबर जागरूकता पर बात की।
साइबर सु्रक्षा को लेकर पुलिस के टिप्स
[*]इन्वेस्ट करने से पहले वेरिफाई करें: सोशल मीडिया पर \“हाई रिटर्न\“ वाली स्कीम के झांसे में कभी न आएं।
[*]\“डिजिटल अरेस्ट\“ का मिथक: कानून लागू करने वाली एजेंसियां कभी भी वीडियो काल पर किसी को गिरफ्तार नहीं करती हैं।
[*]ओटीपी या केवाईसी डिटेल शेयर न करें, या अनजान लिंक पर क्लिक न करें।-खोए हुए फोन और सिम को ब्लाक या ट्रेस करने के लिए संचार साथी का इस्तेमाल करें।
[*]तुरंत रिपोर्ट करें: साइबर घटनाओं की तुरंत रिपोर्ट करें, तेजी दिखाने पर पैसे और सबूत बचते हैं।
[*]तुरंत पुलिस मदद के लिए पास के पुलिस स्टेशन पर रिपोर्ट करें या फाइनेंशियल फ्राड के लिए 1930 हेल्पलाइन का इस्तेमाल करें।
[*]आंख और कान बनें: अपने इलाके में किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गैर-कानूनी गतिविधियों के बारे में पास के पुलिस स्टेशन को सूचित करें।
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