सिगरेट छोड़ने पर 60% तक कम हो जाता है मुंह के कैंसर का खतरा, तंबाकू का सेवन बंद करने के भी हैं फायदे ही फायदे
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/21/article/image/tob-1771679864553_m.webpसिगरेट छोड़ने पर 60 प्रतिशत तक कम हो जाता है मुंह के कैंसर का खतरा (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सिगरेट छोड़ने से मुंह के कैंसर का खतरा 60 प्रतिशत से अधिक कम हो जाता है। यह अध्ययन टाटा मेमोरियल सेंटर (टीएमसी) के कैंसर महामारी विज्ञान केंद्र द्वारा किया गया।
मुंबई, नवी मुंबई, बारशी, वाराणसी और गुवाहाटी में स्थित टीएमसी के पांच कैंसर केंद्रों में 2010-2022 के दौरान आए मरीजों पर अध्ययन किया गया। यह अध्ययन 19-75 वर्ष की आयु के पुरुषों और महिलाओं पर केंद्रित था।
10 साल तक आदत छोड़न पर क्या होगा?
पहली बार, इस अध्ययन से पता चलता है कि सिगरेट पीने वालों में मुंह के कैंसर का खतरा 61 प्रतिशत तक कम हो जाता है और तंबाकू चबाने वालों में यह खतरा 42 प्रतिशत तक कम हो जाता है, जब वे 10 साल तक इस आदत को छोड़ देते हैं। हालांकि, यह खतरा उन लोगों के स्तर तक नहीं पहुंच पाता जिन्होंने कभी तंबाकू का सेवन नहीं किया है।
इससे पता चलता है कि तंबाकू का सेवन करने वाले मौजूदा लोगों को भी इसे छोड़ने से फायदा होता है, क्योंकि खतरा लगभग 50 प्रतिशत तक कम हो जाता है। इससे यह पता चलता है कि तंबाकू छोड़ना कारगर है, लेकिन तंबाकू की आदत न डालना कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।
तंबाकू है कैंसर की बड़ी वजह
टीएमसी की अनुसंधान शाखा, एडवांस्ड सेंटर फार ट्रीटमेंट रिसर्च एंड एजुकेशन इन कैंसर (एसीटीआरईसी) के निदेशक डॉ. पंकज चतुर्वेदी ने बताया, \“\“हमारे देश में होने वाले लगभग 20-25 प्रतिशत कैंसर मुंह के कैंसर हैं, जिनका संबंध तंबाकू से है। मूत्राशय, किडनी और अग्नाशय के कैंसर सहित लगभग 40 प्रतिशत कैंसर भी तंबाकू से जुड़े हैं। इसलिए, तंबाकू छोड़ने से हमारे देश में कैंसर कम होगा।\“\“
उन्होंने कहा कि सुपारी के साथ तंबाकू चबाने से कैंसर का खतरा लगभग दोगुना हो जाता है, लेकिन तंबाकू छोड़ने से यह खतरा लगभग उतना ही कम हो जाता है।
\“टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत जो भी करेगा, वह 21वीं सदी का...\“ चिप प्लांट के शिलान्यास के दौरान बोले PM मोदी
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