फांसी सजा के बाद पहली रात...बांदा जेल में रामभवन की बेचैन रात, जेल में सो नहीं पाया 33 बच्चों का दोषी
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/21/article/image/Banda-News-Death-Sentence-Rambhavan-1771686109892_m.webpरामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती। इंटरनेट मीडिया
जागरण संवाददाता, बांदा। 33 बच्चों के यौन शोषण व पोर्न वीडियो प्रचलित कर बेचने के मामले में दोषी जेई रामभवन व उसकी पत्नी दुर्गावती को फांसी की सजा सुनाई गई है। जेल की अलग-अलग बैरकों में बंद दोनों कैदी सजा होने के बाद से असहज महसूस कर रहे हैं। जेई तो रात भर बैरक में चहलकदमी करने के साथ करवट बदलता रहा। उसकी आंखों से नींद उड़ी रही। इसी तरह उसकी पत्नी भी बैरक के अंदर गुमसुम बनी है। वह अन्य बंदियों से ज्यादा बात नहीं कर रही है।
नरैनी के खरौंच गांव निवासी सिंचाई विभाग से निलंबित जेई रामभवन व उसकी पत्नी दुर्गावती को बच्चों के साथ यौन शोषण करने व उनके पोर्न वीडियो विदेशों में बेचने के मामले में सीबीआई ने 2020 में जेल भेजा था। इसी मामले में शुक्रवार को न्यायालय ने दोषी दंपती को फांसी की सजा सुनाई थी। न्यायालय के आदेश पर दोनों को शाम को जेल भेजा गया था। जिस पुरुषों की जेल तीन बी बैरक में राम भवन निरुद्ध है। उसमें रामभवन समेत कुल 63 बंदी हैं।
उसके बैरक में जाते ही अन्य बंदियों ने उससे सजा के बारे में पूछना शुरू कर दिया था। जेल सूत्रों की मानें तो उसने बुझे मन से सजा होने की बात बताई। यह भी कहा कि अभी उसे हाई कोर्ट से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि उसने बंदियों से अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा बात नहीं की।
खाने से किया मना
रात में उसने पहले खाना खाने से भी मना कर दिया। लेकिन अन्य बंदियों के कहने पर उसने रोटी सब्जी खाई। शुक्रवार को भी उसने दैनिक दिनचर्या से लेकर अन्य कार्यों में ज्यादा रुचि नहीं ली। उसकी खामोश निगाहों में चिंतन के भाव हैं। इसी तरह उसकी पत्नी दुर्गावती भी ज्यादा किसी से बात नहीं कर रही है। उसे 13 नंबर बैरक में रखा गया है। यहां कुल 23 बंदी हैं। दुर्गावती ने शुक्रवार को भी ठीक से खाना नहीं खाया। हालांकि जेल वार्डन के कहने पर अन्य बंदी दोनों का ध्यान बंटवाने का प्रयास कर रहे हैं।
दोनों कैदियों की हालत सामान्य बनी है। दोनों कैदियों पर जेल वार्डनों को नजर बनाकर रखने के लिए कहा गया है। यदि किसी तरह की दिक्कत समझ में आएगी तो दोनों की काउंसलिंग कराई जाएगी।
आलोक कुमार, जेल अधीक्षक
ऐसे समझें पूरा केस
[*]33 नाबालिगों का यौन शोषण और उनकी अश्लील तस्वीरें व वीडियो इंटरनेट के माध्यम से बेचा था
[*]दिल्ली में नौकरी कर रहा नीरज आनलाइन आपत्तिजनक लिंक साझा करता था। उसके एक लिंक से हुआ था राजफाश।
[*]सीबीआइ ने अगस्त 2020 में जांच शुरू की थी।
[*]अगले माह सितंबर में सोनभद्र के अनपरा निवासी इंजीनियर नीरज यादव को गिरफ्तार किया था। उसके घर अश्लील वीडियो-फोटो मिली थीं।
[*]पता चला था कि बांदा के नरैनी के जवाहर नगर निवासी सिंचाई विभाग का जेई रामभवन डार्क वेब पर अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़कर बच्चों के पोर्न फोटो-वीडियो बनाने-बेचने का गिरोह चलाता है।
[*]सीबीआइ ने 31 अक्टूबर 2020 को नई दिल्ली में रामभवन व अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
[*]करीब डेढ़ माह बाद सीबीआइ ने रामभवन व उसकी पत्नी दुर्गावती को 17 नवंबर, 2020 को चित्रकूट के कर्वी की एसडीएम कालोनी स्थित किराये के घर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
[*]सीबीआइ को रामभवन के यहां से पेन ड्राइव में 34 अश्लील वीडियो व 779 फोटो मिली थीं।
[*]जांच में सामने आया कि रामभवन और उसके साथियों ने वर्ष 2010 से 2020 के बीच बांदा, चित्रकूट और आसपास के इलाकों के तीन साल तक के बच्चों का यौन शोषण किया।
[*]रामभवन बच्चों को लुभाने के लिए आनलाइन वीडियो गेम, पैसों व उपहार का लालच देता था।
[*]अदालत ने 163 पृष्ठों में दिया फैसला, कहा-दोनों को आखिरी सांस तक लटकाओ
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