UP Board : हाईस्कूल की 45 व इंटरमीडिएट की 40 से अधिक कापियां नहीं जांच सकेंगे परीक्षक, बोर्ड क्यों बना रहा ये नियम?
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/21/article/image/UP-Board-Office-Prayagraj-1771681574628_m.webpयूपी बोर्ड प्रयागराज की फाइल फोटो।
राज्य ब्यूरो, जागरण, प्रयागराज। हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के दौरान अंकों के योग में कई बार गलतियां हो जाती हैं, जिसके कारण यूपी बोर्ड को स्क्रूटनी में परीक्षार्थियों के अंक संशोधित करने पड़े हैं। इतना ही नहीं, कई बार मूल्यांकन में भी गड़बड़ी हो जाने पर परीक्षार्थी को कम अंक मिले। मामले कोर्ट में जाने पर कोर्ट के आदेश पर यूपी बोर्ड को परीक्षार्थियों के अंक संशोधित करने पड़े हैं।
मूल्यांकन में सतर्कता
ऐसी स्थिति में यूपी बोर्ड वर्ष 2026 की परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में सतर्कता बरतेगा। इसके लिए तय किया गया है कि एक परीक्षक एक दिन में हाईस्कूल की 45 तथा इंटरमीडिएट की 40 से अधिक उत्तर पुस्तिकाएं नहीं जांच सकेंगे।
मूल्यांकन करने वाले परीक्षकों के लिए दिशा निर्देश
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की ओर से मूल्यांकन केंद्र प्रभारियों एवं उप प्रधान परीक्षकों एवं मूल्यांकन करने वाले परीक्षकों के लिए दिशा निर्देश तैयार किए जा रहे हैं। इसमें स्पष्ट किया जाएगा कि मूल्यांकन कार्य किस प्रकार पारदर्शी और सावधानीपूर्वक किया जाना है। साथ ही, मूल्यांकन शुरू होने से पहले सभी परीक्षकों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। प्रशिक्षण में ओएमआर शीट पर अंक अंकित करने की विधि, अंकों के मिलान की प्रक्रिया तथा अन्य आवश्यक सतर्कताओं की जानकारी दी जाएगी।
क्या कहते हैं बोर्ड सचिव?
बोर्ड के सचिव भगवती सिंह का कहना है कि एक दिन में अधिक संख्या में कापियां जांचने के दबाव में कई बार जल्दबाजी हो जाती है, जिससे त्रुटियों की आशंका बढ़ जाती है। अंक चढ़ाने या जोड़ने में छोटी-सी गलती भी विद्यार्थियों के परिणाम को प्रभावित कर देती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन जांची जाने वाली कॉपियों की सीमा तय की गई है। इस व्यवस्था से मूल्यांकन की गुणवत्ता में सुधार होगा और परीक्षार्थियों को उनके परिश्रम के अनुरूप निष्पक्ष अंक मिल सकेंगे। मूल्यांकन के लिए प्रदेश भर में 249 केंद्र बनाए गए हैं।
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