ज्योतिर्मठ नमाज विवाद: मुख्यमंत्री धामी ने दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/21/article/image/CM-Dhami-In-Chamoli-1771696881980_m.webpज्योतिर्मठ के नगर पालिका सभागार में नमाज पढ़ने का मामला सीएम धामी के पास पहुंच गया है।
संवाद सहयोगी, गोपेश्वर। बदरीनाथ धाम के शीतकालीन पूजा स्थल ज्योतिर्मठ के नगर पालिका सभागार में नमाज पढ़ने का मामला मुख्यमंत्री के पास पहुंच गया है।
शनिवार को चमोली पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से पीपलकोटी के सेमलडाला मैदान में विहिप, बजरंग दल, आरएसएस, अभाविप नेताओं समेत ज्योतिर्मठ के लोगों ने मुलाकात की और ज्योतिर्मठ में मुस्लिम समुदाय की बढ़ती आबादी को चिंताजनक बताया।
मुख्यमंत्री ने शिष्टमंडल को कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए कहा कि यह विषय उनके संज्ञान में है।
मुख्यमंत्री से मिले शिष्टमंडल ने बताया कि सीमांत चमोली जिले में मुस्लिम समुदाय की आबादी लगातार बढ़ रही है। व्यापार के नाम पर आ रहे मैदानी क्षेत्र के ये लोग यहां आपराधिक गतिविधियों में भी लिप्त हैं।
कहा कि ज्योतिर्मठ आदि शंकराचार्य की तपोस्थली है। यहां मुस्लिम समुदाय के लोग जिस तरह बिना अनुमति के सरकारी भवन में अवैध रूप से अपनी गतिविधियां संचालित कर रहे थे, वह गंभीर मामला है।
अगर बजरंग दल के कार्यकर्ता नमाज पढ़ने के लिए बड़ी संख्या में एकत्रित हुए लोगों की वीडियो सार्वजनिक नहीं करते तो यह सिलसिला आगे भी चलते रहता।
शिष्टमंडल ने सरकारी व सार्वजनिक संपति में मुस्लिम समुदाय के नमाज पढ़ने पर रोक लगाने के साथ बाहरी लोगों से सत्यापन की मांग भी की।
साथ ही बताया कि जिस कार्यकर्ता ने नमाज पढ़ने का वीडियो प्रसारित किया, उसे पुलिस-प्रशासन ने दबाव में लिया है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा।
इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संपर्क प्रमुख पवन राठौर, जिलाध्यक्ष राकेश मैठाणी, जिला संयोजक रवि झिंक्वाण, बजरंग दल के संयोजक प्रकाश बर्त्वाल, आरएसएस के खंड कार्यवाह कुलबीर बिष्ट, बलवीर रावत, विक्रम सिंह नेगी, ज्योतिर्मठ से आए अमित सती, राकेश चौहान, प्रदीप भट्ट, रविंद रावत आदि मौजूद रहे।
अब्दुल लतीफ की भी सक्रियता रही ज्योतिर्मठ में
देवबंद के मौलाना अब्दुल लतीफ की सक्रियता भी बीते तीन वर्षों के दौरान ज्योतिर्मठ में रही है। यह वही मौलाना है, जिसने कथित रूप से बदरीनाथ मंदिर को बदरुद्दीन शाह की मजार बताते हुए इसे मुस्लिम समुदाय को सौंपने की अपील की थी।
हालांकि, इस मामले में ज्योतिर्मठ न्यायायल से वह बरी हो गया।
बताया गया कि मौलाना अब्दुल लतीफ की वर्ष 2024 से ज्योतिर्मठ क्षेत्र में सकियता रही है। वह मुकदमे के सिलसिले में अक्सर ज्योतिर्मठ आता था। इस दौरान उसकी धार्मिक सक्रियता भी रही।
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