उत्तराखंड में SIR की तैयारियां पूरी, दूसरे राज्यों में एसआइआर पूरा होने से प्रदेश को मिलेगी राहत
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/22/article/image/SIR-IN-Uttarakhand-1771702820498_m.webpसांकेतिक तस्वीर।
राज्य ब्यूरो, देहरादून। उत्तराखंड में प्रस्तावित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को लेकर निर्वाचन तंत्र ने तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं और संभावना जताई जा रही है कि अप्रैल माह से यह प्रक्रिया औपचारिक रूप से प्रारंभ हो जाएगी।
इस बार की पुनरीक्षण प्रक्रिया में राज्य को एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक राहत मिलने जा रही है। उत्तर प्रदेश और बिहार में एसआइआर पूर्ण होने के बाद वहां की अद्यतन मतदाता सूचियां जारी हो जाएंगी।
जिससे उत्तराखंड में निवास कर रहे इन राज्यों के मूल निवासियों की मैपिंग और सत्यापन कार्य अधिक सरल और सटीक तरीके से किया जा सकेगा। इससे विशेष रूप से इन राज्यों से विवाह कर आई बहुओं को सबसे अधिक लाभ मिलेगा।
प्रदेश में एसआइआर को लेकर तैयारियां अंतिम चरणों में है। सभी जिलों में तेजी से मतदाता मैपिंग का कार्य चल रहा है। यह कार्य 75 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुका है।
जिन जिलों में यह कार्य धीमी रफ्तार से चल रहा है, उन्हें इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। एसआइआर के तहत मतदाता सूची का व्यापक सत्यापन, नए मतदाताओं का पंजीकरण, मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं के नाम विलोपन तथा पते में परिवर्तन जैसी प्रक्रियाएं की जाती हैं।
उत्तराखंड में बड़ी संख्या में ऐसे नागरिक निवास करते हैं, जिनका मूल निवास उत्तर प्रदेश, बिहार व अन्य राज्यों में है। इनकी अभी मैपिंग नहीं की गई है।
कारण यह कि प्रदेश में फिलहाल मैपिंग वर्ष 2003 की मतदाता सूची से की जा रही है। ऐसे में यदि उन राज्यों की अंतिम प्रकाशित मतदाता सूचियां उपलब्ध होंगी, तो डुप्लीकेट नामों की पहचान और आवश्यक संशोधन में तेजी आएगी।
साथ ही इन राज्यों से जो भी व्यक्ति यहां आकर हाल ही के वर्षों में मतदाता बने हैं उनके स्वजनों का नाम भी उन सूचियों में होगा। ऐेसे में उनके नाम की माता-पिता अथवा दादा-दादी की मतदाता सूचियों से मैपिंग की जा सकेगी।
एसआइआर से दोहराव की संभावना होगी कम
एसआइआर से यह भी सुनिश्चित किया जा सकेगा कि कोई भी मतदाता दो स्थानों पर पंजीकृत न रहे और वास्तविक निवास स्थान के अनुसार ही उसका नाम दर्ज हो।
इससे न केवल निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि भविष्य में होने वाले चुनावों के लिए मतदाता सूची अधिक सटीक और त्रुटिरहित बन सकेगी।
उधर, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को एसआइआर के लिए तैयारियां पूर्ण रखने के निर्देश दिए हैं।
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